व्हाट्सएप (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : एआई जनरेटेड
मैसेजिंग एप्स को लेकर क्या हो रहे बदलाव?
सबसे ज्यादा चर्चा मैसेजिंग एप्स को लेकर हो रही है। नए सिम-बाइंडिंग नियमों के तहत व्हाट्सएप, टेलीग्राम और सिग्नल जैसे एप्स को एक्टिव सिम कार्ड से जोड़कर रखने की व्यवस्था सख्त की जा सकती है। ऐसे में अगर आपका सिम बंद है, निष्क्रिय है या फोन से निकाल दिया गया है, तो इन एप्स का इस्तेमाल सीमित या प्रभावित हो सकता है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य सिम स्वैप, फर्जी अकाउंट और डिजिटल फ्रॉड पर रोक लगाना बताया जा रहा है, जो हाल के वर्षों में तेजी से बढ़े हैं।
क्या है सिम-बाइंडिंग नियम?
नए नियम के तहत जिस मोबाइल नंबर से आपका व्हाट्सएप अकाउंट बना है, वही सिम कार्ड (SIM Card) आपके फोन में एक्टिव रहनी चाहिए। अगर वह सिम फोन से हटा दी जाती है या निष्क्रिय हो जाती है, तो एप उस डिवाइस पर काम करना बंद कर देगा।
अब तक यूजर्स 6 अंकों का ओटीपी डालकर लॉगिन कर लेते थे और बाद में सिम की मौजूदगी चेक नहीं होती थी। लेकिन नए नियम के बाद एप को समय-समय पर यह सुनिश्चित करना होगा कि नंबर सक्रिय है और उसी फोन में मौजूद है।