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बजट 2017: मिडिल क्लास की हैं जेटली से ये 9 उम्मीदें

Wed, 18 Jan 2017 08:18 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : self
नोटबंदी से परेशान हुए मेट्रो और शहरी क्षेत्रों में रहने वाले मिडिल क्लास को 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट से काफी उम्मीदें हैं। वित्त मंत्री अरुण जेटली कई तरह से ऐसे लोगों को फायदा दे सकते हैं, जो समय पर अपना टैक्स भरते हैं। ऐसी उम्मीद है कि वित्त मंत्री मिडिल क्लास के लिए कई सारी टैक्स सहूलियतों की घोषणा कर सकते हैं, जिससे आगे चलकर उनकी सेविंग बढ़ेगी और इकोनॉमी को ग्रोथ मिलेगी।
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टैक्सेबल इनकम का बढ़ेगा दायरा

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आयकर विभाग
वित्त मंत्री अरुण जेटली टैक्सेबल इनकम का दायरा बढ़ा सकते हैं। अभी 2.5 लाख रुपये की सालाना इनकम पर किसी प्रकार का कोई टैक्स नहीं देना पड़ता है। इससे ऊपर इनकम होने पर टैक्स देना होता है। अगर यह दायरा बढ़ता है तो मिडिल क्लास के हर वर्ग को इसका फायदा मिलेगा।
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टैक्स स्लैब में होगा बदलाव

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income tax - फोटो : income tax
टैक्सेबल इनकम का दायरा बढ़ाने के साथ वित्त मंत्री टैक्स स्लैब में भी बदलाव कर सकते हैं। अभी 2.5 लाख से 5 लाख रुपये की इनकम पर 10 फीसदी टैक्स लगता है। 5 लाख से ऊपर और 10 लाख रुपये तक 20 फीसदी टैक्स लगता है, जबकि इससे ऊपर की इनकम पर 30 फीसदी टैक्स लगता है। मिडिल क्लास को उम्मीद है कि वित्त मंत्री शुरुआत के दो स्लैब में बदलाव कर सकते हैं।

एलाउंस पर बढ़ सकती है छूट

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भारत में सिर्फ 5430 लोग ही एक करोड़ रुपए से अधिक का आयकर देते हैं। - फोटो : BBC
वित्त मंत्री सैलरी क्लास को मिलने वाले कई तरह के एलाउंस पर छूट को बढ़ाने की घोषणा कर सकते हैं। इनके जरिए सैलरी क्लास को इनकम टैक्स पर काफी छूट मिल सकती है। सैलरी क्लास को कई सारे एलाउंस मिलते हैं, जिनमें बच्चों की ट्यूशन फीस, आने-जाने का खर्च, मेडीकल सुविधाएं, हाउस रेंट और लीव ट्रेवल एलाउंस (एलटीए) मिलता है। इन एलाउंस को कई साल से बढ़ाया नहीं गया है, जिसकी वजह से इनके बढ़ने की उम्मीद है। ऐसा इसलिए क्योंकि बढ़ती महंगाई के दौर में इनकी लिमिट बेमानी हो गई है।
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सेक्शन 80सी में मिलने वाली छूट का बढ़े दायरा

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इनकम टैक्स के सेक्शन 80सी के तहत अभी तक 1.5 लाख रुपये से लेकर के 3 लाख रुपये तक छूट मिलती है। अगर जेटली इस छूट को और बढ़ाने की घोषणा अपने बजट भाषण में करते हैं, तो इससे लोगों को काफी सेविंग करने में मदद मिलेगी।
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सीनियर सिटीजंस के लिए भी बढ़ाई जाए छूट

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senior citizens
वरिष्ठ नागरिकों (सीनियर सिटीजंस) के लिए भी छूट का दायरा बढ़ाया जाए। अभी 60 से 80 वर्ष के वरिष्ठ नागरिकों को 3 लाख रुपये की छूट मिलती है। वहीं 80 वर्ष से ऊपर के नागरिकों को 5 लाख रुपये की छूट मिलती है। लोगों को उम्मीद है कि बजट में इसको बढ़ाकर के 4 लाख और 6.50 लाख रुपये कर दिया जाएगा।
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इंफ्रास्ट्रकचर बांड पर मिलने वाली छूट

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infra
पहले लोगों को इंफ्रा बांड में निवेश करने पर 20 हजार रुपये की छूट मिलती थी, लेकिन इसको वापस ले लिया गया था। अब सरकार इसको फिर से शुरू कर सकती है, जिससे इंफ्रा प्रोजक्ट को बूस्ट मिलेगा।  
 

एनपीएस में छूट का दायरा एक लाख रुपये किया जाए

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- फोटो : अमर उजाला
नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) में फिलहाल 50 हजार रुपये जमा करने पर इनकम टैक्स के सेक्शन 80सीसीडी के तहत छूट मिलती है। जेटली इस छूट को बढ़ाकर के एक लाख रुपये तक कर सकते हैं, ताकि इसको ईपीएफ और पीपीएफ के बराबर लाया जा सके।
 

होम लोन के इंटरेस्ट पर बढ़ सकती है छूट

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- फोटो : Reuters
नोटबंदी के बाद रियल एस्टेट मार्केट में जान डालने के लिए और टैक्सपेयर को खुश करने के लिए सरकार इस साल के बजट में कई खास ऐलान कर सकती है। होम लोन लेने वाले टैक्सपेयर को 2 लाख रुपये से ऊपर के इंटरेस्ट अमाउंट पर छूट मिलने की घोषणा हो सकती है।इससे जहां एक तरफ रियल एस्‍टेट मार्केट में घरों की ब्रिकी बढ़ने की उम्मीद है, वहीं दूसरी तरफ टैक्सपेयर को भी राहत मिलेगी। 
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पहली ईएमआई भरने से मिलेगी छूट

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अभी आमतौर पर होम लोन लेने वालों को तब छूट मिलना शुरू होती है, जब उनको घर का पजेशन मिल जाता है। इससे पहले के सालों में ईएमआई भरने पर किसी तरह की कोई छूट नहीं मिलती है, जेटली इसका ऐलान अपने बजट भाषण में कर सकते हैं।
 
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