अक्सर हम लोग गोल्ड ज्वैलरी को इन्वेस्टमेंट करने और बेहतर रिटर्न पाने के लिहाज से खरीदते हैं। लेकिन ऐसा करने से पहले हम कई बातों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिसका नुकसान आगे चलकर हमे उठाना पड़ता है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ खास बातें, जो गोल्ड खरीदते वक्त हमेशा ध्यान में रखना चाहिए।
विज्ञापन
गलत वक्त पर ज्यादा गोल्ड खरीदना
2 of 6
कई बार दूसरों की देखादेखी लोग गोल्ड की खरीददारी कर लेते हैं। ऐसा तब होता है जब गोल्ड का प्राइस सबसे कम स्तर पर पहुंच जाता है। लेकिन लोग ये नहीं सोचते हैं कि गोल्ड का प्राइस कब बढ़ेगा।
ऐसे में अगर 6 माह बाद गोल्ड का प्राइस नीचे चला जाता है तो निवेशक को नुकसान होता है। ऐसे में गोल्ड खरीदने में हमेशा समझदारी दिखानी चाहिए और अपने विवेक का इस्तेमाल करना चाहिए।
विज्ञापन
नहीं होती है रेग्युलर इनकम
3 of 6
गोल्ड एक ऐसा एसेट है जिसपर कभी भी लगातार रिटर्न या फिर रेग्युलर इनकम नहीं होती है। इसलिए कभी भी गोल्ड में ज्यादा निवेश नहीं करना चाहिए। इसको इस तरह से समझिए। मान लिजिए आपके पास 50 हजार रुपये पड़े हैं तो केवल इस अमाउंट का 5 फीसदी ही गोल्ड में निवेश करना चाहिए। इसमें ज्यादा समझदारी है कि एक बार में पैसा इन्वेस्ट करने के बजाए हर महीने थोड़ा-थोड़ा गोल्ड मार्केट से खरीदें।
छोटी दुकानों से न खरीदें गोल्ड ज्वैलरी
4 of 6
अक्सर लोग छोटे कारोबारियों से गोल्ड ज्वैलरी खरीद लेते हैं। इसमें नकली ज्वैलरी खरीदने का खतरा हमेशा रहता है, क्योंकि ऐसे ज्वैलर्स के पास बीआईएस और हॉलमार्क सर्टिफाइड ज्वैलरी नहीं होती है। इसलिए जब भी गोल्ड ज्वैलरी खरीदने जाएं तो हमेशा जान-पहचान और नामी दुकान से गोल्ड खरीदें। इससे नकली गोल्ड नहीं मिलने के चांस कम हो जाएंगे ।
विज्ञापन
खरीदने से पहले ध्यान में रखें गोल्ड का मार्केट प्राइस
5 of 6
अक्सर लोग गोल्ड खरीदने से पहले उसके मार्केट प्राइस के बारे में ध्यान नहीं रखते हैं। कई बार दुकानदार बड़े हुए प्राइस पर गोल्ड बेचते हैं, जबकि मार्केट में स्पॉट प्राइस काफी कम होता है। इसलिए जब कभी भी गोल्ड खरीदने जाएं तो मार्केट प्राइस को हमेशा ध्यान रखे।
अक्सर लोग गोल्ड खरीदते वक्त चांदी के सिक्कों को खरीदने में दिलचस्पी नहीं दिखाते हैं। जब गोल्ड का प्राइस ज्यादा हो तो चांदी के सिक्कों को खरीदना समझदारी है। आजकल चांदी के सिक्के भी खरीदना अच्छा है, क्योंकि यह भी अच्छा रिटर्न आजकल दे रही है।