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काम की खबर: स्वास्थ्य बीमा लेने से पहले इन छह बातों का रखें ध्यान, वरना होगा नुकसान

Thu, 08 Apr 2021 03:09 PM IST
‌डिंपल अलावाधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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स्वास्थ्य बीमा लेने से पहले इन छह बातों का रखें ध्यान - फोटो : pixabay
भारत में प्रतिदिन कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है। कोरोना काल में लोगों में बीमा का महत्व और भी बढ़ा है। किसी भी आकस्मिक आपदा से निपटने के लिए बीमा बेहद जरूरी है। इंश्योरेंस पॉलिसी से हमारा भविष्य तो सुखद हो जाता है, लेकिन इन्हें खरीदते वक्त हमें कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना पड़ता है। अन्यथा आपको नुकसान भी हो सकता है। आइए जानते हैं स्वास्थ्य बीमा लेने से पहले आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। 
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जोखिम को ध्यान में रखकर लें पॉलिसी - फोटो : pixabay
जोखिम को ध्यान में रखकर लें पॉलिसी
पॉलिसी खरीदने से पहले आपको जोखिम का भी ध्यान रखना पड़ेगा। कुछ ऐसे जोखिम हैं जो किसी भी वक्त आ सकते हैं। अगर हम इन बातों को ध्यान में रखके बीमा लें तो हम भविष्य में आने वाली मुसीबतों से आसानी से निपट सकेंगे। आपके परिवार में जो कमा रहा है, उसकी मृत्यु होने पर आपका पालन कैसे होगा इस बात का भी आपको ध्यान रखना चाहिए। आने वाले दिनों में बच्चों की पढ़ाई और शादी के खर्च को भी ध्यान में रखना चाहिए। घर में अगर कोई अचानक बीमार हो जाता है, तो उसका खर्च और व्यक्तिगत संपत्ति के नुकसान पहुंचने का डर भी हमें अकसर सताता है। जोखिम कईं हो सकते हैं। लेकिन अगर हम पहले से ही इनका ध्यान रखें तो हमारा भविष्य संवर सकता है। 
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अच्छे से पढ़ लें सभी दस्तावेज - फोटो : pixabay
अच्छे से पढ़ लें सभी दस्तावेज
इंश्योरेंस खरीदते समय हमें कंपनियां कई सारे दस्तावेज देती हैं, जिनमें पॉलिसी की पूरी जानकारी लिखी होती है। लेकिन हम इन्हें पढ़ते नहीं है। ऐसे में आप अंजाने में कंपनी की कुछ ऐसी शर्त या बात मान लेते हैं जो आपको नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए कोई भी इंश्योरेंस प्लान खरीदने से पहले हमेशा पॉलिसी से जुड़े दस्तावेज ध्यान से पढ़ लें। इसके अतिरिक्त सिर्फ प्रीमियम सस्ता होने से ही हमें पॉलिसी का चयन नहीं करना चाहिए। पॉलिसी खरीदने से पहले हमें कंपनी की प्रदर्शन भी देख लेना चाहिए। 

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गंभीर बीमारी की कवर सूची को ध्यान से पढ़ें - फोटो : pixabay
गंभीर बीमारी की कवर सूची को ध्यान से पढ़ें
क्लेम के खारिज होने से बचने के लिए दस्तावेजों और गंभीर बीमारी की कवर सूची को ध्यान से पढ़ें। कुछ बीमारियों के मामले में क्लेम की राशि पॉलिसी में तय सम अश्योर्ड राशि से परे अपेक्षाकृत कम होती है। 
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अस्पताल में कमरे और ICU की सीमाएं - फोटो : pixabay
अस्पताल में कमरे और ICU की सीमाएं
कई ऐसी कंपनियां हैं जो अस्पताल में कमरे और आईसीयू के लिए भुगतान को सीमित रखती हैं। उन सीमाओं के बाद का भुगतान पॉलिसीधारक को ही करना होता है। इसलिए इंश्योरेंस लेने से पहले इस बात पर ध्यान देना जरूरी है। केवल उन्हीं इंश्योरेंस पॉलिसी को चुनें जो आपके अस्पताल में भर्ती होने पर आपके पूरे इलाज (कमरे का किराया और नर्सिंग के खर्चों सहित) को कवर करती हैं।
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को-पेमेंट क्लॉज भी जरूरी - फोटो : pixabay
को-पेमेंट क्लॉज भी जरूरी
पॉलिसीधारक बीमित सेवाओं के लिए पहले से तय राशि का अपनी जेब से भुगतान करता है। इसे को-पेमेंट क्लॉज कहा जाता है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए बाजार में उपलब्ध लगभग सभी योजनाएं को-पेमेंट की शर्त के साथ आती हैं। इसलिए आप वहीं योजना चुनें जो आपको पहले से मौजूद और अन्य क्लेम पर कम फीसदी भुगतान करने का ऑफर देती हो। अतिरिक्त प्रीमियम देकर इस को-पेमेंट को माफ करने का विकल्प भी चुन सकते हैं।
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अस्पतालों के नेटवर्क की करें जांच - फोटो : अमर उजाला
अस्पतालों के नेटवर्क की करें जांच 
बीमाकर्ता द्वारा प्रदान किए गए अस्पतालों के नेटवर्क की जांच करना एक अच्छा विचार है। नेटवर्क अस्पताल वे अस्पताल हैं, जो बीमाकर्ता के साथ अपनी विशेष व्यवस्था के तहत कैशलेस क्लेम सेटलमेंट मोड प्रदान करते हैं। पॉलिसीधारक बिना किसी शुल्क के अस्पताल से इलाज करा सकते हैं। उन्हें केवल ऐसे शुल्क का भुगतान करना पड़ सकता है, जो पॉलिसी के तहत कवर नहीं किए जाते हैं जैसे पंजीकरण शुल्क, कंज्यूमेबल, आदि।
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