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ब्याज पर भी देना पड़ सकता है ब्याज
राहतों की घोषणा के दौरान आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने स्पष्ट कहा है कि ईएमआई भुगतान में मिली छूट की अवधि का ब्याज ग्राहक को चुकाना होगा। बैंक इस ब्याज को अलग टर्म लोन के रूप में बदल सकते हैं, जिससे पहले से चल रहे लोन की ईएमआई में कोई बदलाव न हो।
अगर बैंक इस सुझाव का पालन करते हैं, तो ग्राहक को टर्म लोन नियमों के तहत बकाया ब्याज पर भी ब्याज चुकाना पड़ सकता है। इसका मतलब है कि अगर किसी की 20 हजार की ईएमआई में 13 हजार रुपये का ब्याज शामिल है और वह छह महीने रियायत का विकल्प चुनता है। तो, उसे 78 हजार रुपये के कुल ब्याज पर अलग से ब्याज चुकाना पड़ सकता है।