फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दुनिया का वो अनोखा देश, जहां की अधिकतर जेल अब बन चुकी हैं आलीशान होटल

Fri, 05 Mar 2021 09:55 PM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
नीदरलैंड्स की जेल - फोटो : सोशल मीडिया
दुनियाभर में ऐसी तमाम जेल हैं, जो कैदियों से भरी हुई हैं। वहीं कई देशों में हालात ऐसे हैं कि जेल में कैदी बिल्कुल ना के बराबर हैं। बता दें कि अमेरिका और भारत के साथ लातीनी अमेरिकी देशों की जेलों में क्षमता से अधिक कैदी रखे जा रहे हैं। लेकिन नीदरलैंड्स एक ऐसा देश बन गया है, जहां की जेलें बंद होने की कगार पर हैं। आइए जानते हैं इसके पीछे की वजह...
विज्ञापन

2 of 5
नीदरलैंड्स की जेल - फोटो : सोशल मीडिया
नीदरलैंड्स की जेलों के बंद होने की वजह वहां का लो क्राइम-रेट है। इसके साथ ही अगर कोई कैदी जेल जाता है, तो उसे जल्दी से जल्दी बाहर निकालकर समाज से जोड़ने की मुहिम शुरू हो जाती है। इसी वजह से लगभग नीदरलैंड्स की सारी जेलें बंद हो चुकी हैं। वहीं डच देश में हुई स्टडी में यह बात सामने आई कि यहां हर 1 लाख की आबादी पर केवल 61 लोग ही अपराध करते हैं। इतना ही नहीं इन अपराधियों पर कोई गंभीर आरोप नहीं होता है।
विज्ञापन

3 of 5
जेल की प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
नीदरलैंड्स की वर्तमान आबादी लगभग 1.73 करोड़ है। आबादी को ध्यान में रखते हुए यहां के जस्टिस विभाग ने अनुमान लगाया कि साल 2023 तक पूरे देश में कुल मिलाकर 9,810 अपराधी हो सकते हैं। बता दें कि कैदियों की ये संख्या अधिकतम मानी जा रही है।

4 of 5
जेल से होटल - फोटो : सोशल मीडिया
बता दें कि एम्सटर्डम की एक जेल को 'द हेट अर्साइथिस' नाम के होटल में बदल दिया गया। इस होटल के कमरों में अब अतिथि आरामदायक तरीके से ठहरते हैं, उसमें कभी कैदी रखे जाते थे। जेल की इस पूरी बिल्डिंग को इस तरह से बदल दिया गया है, जिसकी साज-सज्जा को देखकर बिल्कुल लगता ही नहीं कि यहां कभी जेल भी होगी। कुछ इसी तरह का एक होटल हालैंड में भी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
जेल की प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
नीदरलैंड्स की जेलों में कैदियों की कम संख्या के पीछे एक वजह ये भी है कि यहां अपराध पर जेल की सजा देने की बजाए कई दूसरी सजाओं को तरजीह दी जाती है। जैसे जुर्माना भरना या सोशल वर्क से जुड़ा कोई काम। अस्पतालों या सरकारी दफ्तरों में काम करने की सजा भी अपराधियों को मिलती है। इस वजह से जेल में कैदियों की संख्या कम हो जाती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें