आपको ये बात शायद थोड़ी अजीब लगे लेकिन यही हकीकत है। इंग्लैंड की नॉरफोल्क काउंटी से हर साल हजारों टन रद्दी कागज का कचरा 13,000 मील दूर चीन भेजा जाता है। ऐसा इसलिए ताकी उसे वहां रीसाइकिल किया जा सके।
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इंग्लैंड में नागरिकों के पास से रद्दी कागज को इकठ्ठा किया जाता है। जिसे नॉरफोल्क काउंटी ले जाकर उसमें से गीला व सूखा कचरा अलग-अलग किया जाता है।
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edp24.co.uk की रिपोर्ट के मुताबिक 38,000 टन कचरा हर साल इंग्लैंड से 13,000 मील दूर चीन भेजा जा रहा है। हर कोई इस बात को जान कर हैरान तो है पर ये नहीं समझ पाता कि ऐसा क्यों है।
बताया जाता है कि कागज रीसाइकिल करने की सुविधा इस काउंटी में महज 41 किलोमीटर दूर किंग्स लिन के पॉम पेपर प्लांट में मौजूद है। फिर भी ये कचरा चीन क्यों भेजा जाता है..? आगे जानिए इसकी वजह...
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दरअसल, चीन में रीसाइकलिंग करने वाली कंपनी सस्ते में ये काम करती है। इसलिए ये कचरा यहां भेजा जा रहा है। हालांकि ये बात सच है कि इस कचरे को चीन भेजने वाली कंपनी न्यूज यानि नॉर्स इन्वारोमेंटल वेस्ट सर्विस के अधिकारी इस बात को वजह नहीं मानते।
ये फैसला क्यों लिया गया..?
दरअसल, पर्यावरण की सुरक्षा के मद्दे नजर और अपने नागरिकों को चिंता मुक्त रखने के लिए इंग्लैंड कि ओर से ऐसा किया जा रहा है। नॉरफोल्क के नगर अधिकारियों का कहना है कि उनकी काउंटी में रहने वाले लोग इस बात से डरते हैं कि आखिर इतने कचरे को कैसी रिसाइकिल किया जायेगा। वे अपना कचरा इतनी दूर भेज देते हैं और वातावरण को भी प्रदूषित नहीं होने देते।