पुर्तगाल की झील में 1500 मीटर गहरा पानी के बीच में यह गढ्ढा लोगों के लिए काफी दिनों से राज है। जो तस्वीर आप देख रहे हैं यह ड्रोन से खींची गई है। यह गढ्ढा राज बना हुआ है, जानते हैं क्यों? चलिए हम इस राज से परदा उठा ही देते हैं।
दरअसल यह पुर्तगाल का इस्ट्रेला दा नेचुरल पार्क की शांत झील है। झील में नजर आने वाला यह गढ्ढा प्राकृतिक तो है ही साथ ही इंसानी इंजीनियरिंग के तालमेल का बेहतरीन नमूना भी है। जानें,,कैसे!
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ईश्वर की इंजीनियरिंग के साथ, ऐसे काम कर रही है इंसानी इंजीनियरिंग
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- फोटो : dailymail
इंसानी इंजीनिरिंग द्वारा झील में प्राकृति गढ्ढे को हाइड्रो-इलेक्ट्रिक बांध का हिस्सा बना दिया गया है। इसका नाम कोवाओ दो कोनचोस है।
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पुर्तगाल में इस क्षेत्र के रहने वाले लोग कहते हैं कि इस गढ्ढे से अलौकिक अनुभूति होती है। हालांकि गढ्ढा आज भी रहस्यमय है और लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना रहता है।
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48 मीटर में फैले इस गढ्ढे के जरिए पानी हाइड्रो-इलेक्ट्रिक बांध से जोड़ा गया है। 1500 मीटर गहरे इस गढ्ढे से पानी फ्लोर्स द्वीप के पन-बिजली बांध तक जाता है।
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पर्यटकों को यहां आने से पहले चेतावनी दी जाती है कि आते वक्त यहां वाटरप्रूफ जैकेट पहनकर जरूर आएं। यहां मौसम भी काफी ठंडा हो जाता है।