फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रहस्यों से भरा है भारत का यह मंदिर, बड़े-बड़े जहाज खिंचे चले आते थे इसकी ओर

Mon, 12 Nov 2018 02:23 PM IST
फीचर डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 7
Konark Temple - फोटो : Youtube
भारत रहस्यों से भरा हुआ है। कदम-कदम पर ऐसी जानकारियां सामने आती हैं जिन्हें जानने के बाद भी यकीन नहीं होता है। हिंदुस्तान का इतिहास इसी तरह की कई जानकारियां अपने दामन में समेंटे हुए हैं। ऐसे ही कुछ रोचक तथ्यों को हम आपके सामने पेश करते हैं। इसी कड़ी में हम आज आपको मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जहां 52 टन का चुंबक लगा हुआ है। अगली स्लाइड में जानिए मंदिर के बारे में।
विज्ञापन

2 of 7
Konark Temple - फोटो : Youtube
यह मंदिर है कोणार्क का सूर्य मंदिर। वैसे तो कोणार्क मंदिर अपनी पौराणिकता और आस्था के लिए विश्व भर में मशहूर है। लेकिन कई अन्य कारण भी है जिसकी वजह से इस मंदिर को देखने के लिए दुनिया के कोने कोने से लोग यहां आते हैं। तो आइए जानते हैं इसके बारे में। 
विज्ञापन

3 of 7
Konark Temple - फोटो : Youtube
कोर्णाक मंदिर के गर्भगृह में स्थापित किए गए सूर्य भगवान के साक्षात दर्शन करने का सौभाग्य कम ही लोग को मिल पाता है। भारत के इस ऐतिहासिक मंदिर को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर घोषित किया जा चुका है। कहते हैं कि इस मंदिर में 52 टन का विशालकाय चुंबक लगा हुआ था। 

4 of 7
Konark Temple - फोटो : Youtube
पौराणिक कथाओं के अनुसार सूर्य मंदिर के शिखर पर 52 टन का चुंबकीय पत्थर लगा हुआ था। यह पत्थर समुद्र की कठिनाइओं को कम करता था। जिसकी बदौलत मंदिर समुद्र के किनारे सैकड़ों दशकों से खड़ा हुआ है। एक समय ऐसा भी था जब मंदिर का मुख्य चुंबक, अन्य चुंबकों के साथ इस तरह की व्यवस्था से सजाया हुआ था। कि मंदिर की मूर्ति हवा में तैरती हुई नजर आती थी। 
विज्ञापन

5 of 7
Konark Temple - फोटो : Youtube
लेकिन मंदिर की ये ताकतवर चुंबकीय व्यवस्था आधुनिक काल की शुरुआत में समस्या बनने लगी। चुंबकीय शक्ति इतनी तेज थी कि पानी के जहाज मंदिर की तरफ खींचे चले आते थे। अंग्रेजों के काल में जब उन्हें नुकसान होने लगा तो उन्होंने मंदिर के अंदर लगे इस चुंबक को निकाल दिया। लेकिन इससे जो हुआ, उसका किसी को अनुमान नहीं था। 
विज्ञापन

6 of 7
Konark Temple - फोटो : Youtube
पूरे मंदिर को चुंबकीय व्यवस्था के हिसाब से बनाया गया था। विशालकाय चुंबक को निकालने की वजह से मंदिर का संतुलन बिगड़ गया। जिसकी वजह से मंदिर की कई दीवारें और पत्थर गिरने लगे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
Konark Temple - फोटो : Youtube
भारत के पूर्वी राज्य ओडीशा के पुरी जिले में स्थित यह मंदिर चंद्रभागा नदी के किनारे बना है। इसे सूर्य मंदिर भी कहा जाता है। अद्बभुत कला का नमूना यह मंदिर तरह से अनूठा है। इस मंदिर की कल्पना सूर्य के रथ के रूप में की गई है। रथ में 12 जोड़े पहिये लगे हुए हैं। जिनकी विशाल रचना आपको रोमांचित कर देगी। रथ के आगे 7 शक्तिशाली घोड़े तेजी से खींचते हुए नजर आते हैं। 12 जोड़ी पहिए दिन के 24 घंटों को दर्शाते हैं। वहीं साल के 12 महिनों के सूचक भी माने जाते हैं। पहियों में लगी 8 तीलियां दिन के 8 प्रहरों के बारे में बताती हैं। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें