Kamar Ali Darvesh Dargah
क्या है रहस्य?
दरगाह परिसर में एक पत्थर रखा हुआ है। इसका वजन 90 किलोग्राम है। जाहिर है कि इतना भारी पत्थर अकेले उठाना मुमकिन नहीं है। वैसे तो लोग अकेले इसे उठा लेते हैं, मगर कुल पल से ज्यादा देर तक थामकर नहीं रख सकते। ताज्जुब की बात यह है कि उसी पत्थर को जब 11 लोग एक साथ मिलकर उठाने की कोशिश करते हैं, तो वह पत्थर इतना हल्का महसूस होता है कि उसे कानी उंगली से भी उठाना मुमकिन हो जाता है।
ऐसी मान्यता है कि अगर 11 लोग एक साथ मिलकर, सूफी संत कमर अली शाह का नाम लेते हुए, कानी उंगली से पत्थर उठाने की कोशिश करेंगे, तो यह आसानी से उठ जाएगा। हालांकि, अगर गिनती नें 11 से एक भी इंसान कम हुआ, तो इस पत्थर को कानी उंगली से उठाना मुमकिन नहीं। यही नहीं, अगर पत्थर उठाते वक्त 11 लोगों में से किसी एक शख्स ने भी संत का नाम नहीं लिया, तो पत्थर उसकी ओर झुक जाएगा। जब भी लोग इसे उठाते हैं, उनकी कोशिश होती है कि वे ज्यादा से ज्यादा वक्त तक सांस थामकर फकीर बाबा का नाम लेते रहें।