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किसी महल से कम नहीं है दलाई लामा का घर, अंदर लगी हैं दो लाख मूर्तियां, देखें तस्वीरें

Fri, 07 Dec 2018 03:00 PM IST
फीचर डेस्क, अमर उजाला
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पोटला पैलेस
चौदहवें दलाई लामा तिब्बत के राष्ट्राध्यक्ष और आध्यात्मिक गुरू हैं।चीनी कब्जे वाले तिब्बत से निर्वासित बौद्ध धर्म गुरु दलाई लामा पिछले 59 सालों से भारत में ही रह रहे हैं। बता दें की, दलाई लामा वर्ष 1959 में भारत में शरण लेने आए थे। लेकिन आज भी उनका घर तिब्बत में है जो पोटला पैलेस के नाम से जाना जाता है। इस घर की भव्यता देखकर आप बस देखते ही रह जायेंगे, इसीलिए आवश्यक है आपका इस 1000 कमरे वाले दलाई लामा के भव्य घर के बारे में जानना। 
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तिब्बत की मुक्ति के लिए अहिंसक संघर्ष जारी रखने वाले दलाई लामा को वर्ष 1989 में नोबेल शांति पुरस्कार प्रदान किया गया। आज भी दलाई लामा का घर तिब्बत में है जो पोटला पैलेस के नाम से जाना जाता है।इसका पूरा कंस्ट्रक्शन तिब्बती वास्तु शैली के अनुसार किया गया और इसे पहाड़ पर बनाया गया है। 
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पोटला पैलेस को यूनेस्को ने वैश्विक धरोहरों भी में शामिल किया है। चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी के मुताबिक इसके सौंदर्यीकरण पर तकरीबन 15 लाख डॉलर का खर्च आएगा। आपको बता दें कि हाल ही में चीन ने दलाई लामा के इस घर के सौंदर्यीकरण की बात कही थी। 

 

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दलाई लामा का महल 13 मंजिल ऊंचा है। जिसमें करीब एक हजार से ज्यादा कमरे हैं अौर खास बात यह है कि इसमें लगभग दो लाख मूर्तियां व दस हजार मठ बने हैं। 
 
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इसका महल का निर्माण 1945 में शुरू हुआ था. यह महल तिब्बत के राजा सोंगत्सांकांबू ने थांग राजवंश की राजकुमारी वनछङ के साथ विवाह के लिए बनवाया था। 17वीं शताब्दी में इसका दोबारा निर्माण हुआ और बाद में यह कई पीढ़ियों के दलाई लामा का आवास बनाया गया। वह तिब्बत के राजनीतिक व धार्मिक मिश्रित शासन का केन्द्र था। 
 
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palace
यह तिब्बत के सबसे महत्वपूर्ण दर्शनीय स्थलों में शामिल है। इसे देखने के लिए दुनिया भर से पर्यटक पहुंचते हैं। पिछले साल एक करोड़ 37 लाख पर्यटक यहां पर दर्ज किए गए थे, लेकिन अब यहां पर रोजाना 16 सौ पर्यटक ही जा सकते हैं। 

    
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पोटाला महल में कई बेशुमार कीमती चीजें हैं और एक तरह से यह देश का कलाकृति खजाना माना जाता है.यह महल चीन के तिब्बत स्वायत्त प्रदेश की राजधानी ल्हासा शहर के केन्द्र में स्थित है। महल का क्षेत्रफल तीन लाख 60 हजार वर्ग मीटर (41 हैक्टर) है। 
 
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