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Weird News: मौत के पार क्या है? जानें 19 साल की लड़की की हैरान करने वाली कहानी

Fri, 17 Apr 2026 01:25 PM IST
Jyoti Mehra फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Near Death Experience Survivor: दुनिया में कुछ लोग ऐसे भी हैं जो दावा करते हैं कि उन्होंने मौत के अनुभव को बहुत करीब से महसूस किया है। ऐसी ही एक कहानी है अमेरिका की निकोल केर की, जिनके लिए यह सवाल सिर्फ जिज्ञासा नहीं, बल्कि एक जीया हुआ सच है। इनकी कहानी जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे।
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मरने के बाद क्या होता है? - फोटो : Amar Ujala
Near Death Experience: इंसान हमेशा से यह जानने के लिए उत्सुक रहा है कि मौत के बाद आखिर क्या होता है। यह सवाल आज भी रहस्य बना हुआ है। लेकिन कुछ लोग ऐसे हैं, जो दावा करते हैं कि उन्होंने इस अनदेखी दुनिया को करीब से महसूस किया है। अमेरिका की निकोल केर की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जो एक दर्दनाक हादसे के बाद पूरी तरह बदल गईं।

जिंदगी का वह खतरनाक मोड़
निकोल महज 19 साल की थीं और एयरफोर्स अकादमी में ट्रेनिंग कर रही थीं। एक रात बेस पर लौटते वक्त उनके साथ एक ऐसा हादसा हुआ जिसने सब कुछ पलट दिया। रास्ते में अपने सीनियर के साथ बातचीत के दौरान अचानक गाड़ी का नियंत्रण बिगड़ गया और वह तेज रफ्तार में पत्थर से टकरा गई।

टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि निकोल गाड़ी से बाहर दूर जा गिरीं। उनका शरीर बुरी तरह जख्मी हो चुका था। जब रेस्क्यू टीम वहां पहुंची, तो उनमें जीवन के कोई संकेत नहीं मिले। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया और उनके शरीर को ढक दिया गया। लेकिन यहीं से उनकी कहानी एक अनदेखे मोड़ पर पहुंचती है।
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मौत के बाद का अनोखा अनुभव - फोटो : Adobe Stock
मौत के बाद का अनोखा अनुभव
निकोल का कहना है कि उसी पल उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे वे अपने शरीर से अलग हो गई हों। वे खुद को ऊपर से देख रही थीं, जैसे कोई और व्यक्ति हो। सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि उन्हें किसी तरह का दर्द नहीं था। इसके उलट, एक अजीब सी शांति और हल्कापन महसूस हो रहा था। उनके आसपास एक उजली रोशनी फैली हुई थी, जो उन्हें अपनी ओर खींच रही थी।

इसी दौरान उन्हें अपने दादाजी दिखाई दिए, जो इस दुनिया में नहीं रहे थे। निकोल के मुताबिक, उस पल उन्हें एहसास हुआ कि अब तक वो जो जीवन जी रही थीं, वह दूसरों की उम्मीदों के अनुसार था। वह अपने दिल की नहीं सुन रही थीं। वह उस पल में ही रह जाना चाहती थीं।
 
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जब वापस बुलाया गया - फोटो : Adobe Stock
जब वापस बुलाया गया
कुछ समय बाद उन्हें लगा कि अब उन्हें वापस लौटना होगा। हालांकि, वे उस सुकून भरे अनुभव को छोड़ना नहीं चाहती थीं। उन्होंने वहां बने रहने की इच्छा भी जताई, लेकिन आखिरकार उन्हें लौटना पड़ा। उसी समय डॉक्टरों ने उन्हें सीपीआर देना शुरू किया और अचानक उनमें हलचल दिखाई दी। सीपीआर के बाद उनकी सांसें फिर चलने लगीं। हालांकि, उनका शरीर गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त था, कई हड्डियां टूट चुकी थीं और हालत बेहद नाजुक थी।

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अस्पताल में भी जारी रही जंग - फोटो : Adobe Stock
अस्पताल में भी जारी रही जंग
अस्पताल में भी उनकी मुश्किलें कम नहीं हुईं। कुछ समय बाद उन्हें गंभीर संक्रमण हो गया और एक सर्जरी के दौरान उनका दिल फिर से रुक गया। इस दौरान भी उन्हें वही रोशनी और शांति का अनुभव हुआ। इस बार उन्हें साफ संकेत मिला कि उनका जीवन अभी खत्म नहीं हुआ है और उन्हें वापस जाना होगा।

यह सिलसिला यहीं नहीं रुका। बाद में भी जब-जब उनकी हालत बिगड़ी, उन्हें ऐसा ही अनुभव हुआ। हर बार उन्हें यही संदेश मिला कि उनका एक मकसद है, जिसे पूरा करना अभी बाकी है।
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जब वापस बुलाया गया - फोटो : Adobe Stock
आज क्या कहती हैं निकोल?
आज निकोल अपने अनुभवों को लोगों के साथ साझा करती हैं। उनका मानना है कि मौत अंत नहीं, बल्कि एक नए सफर की शुरुआत है। उनके अनुसार, इंसान सिर्फ शरीर तक सीमित नहीं है, बल्कि एक आत्मा है, जो इस दुनिया में एक खास उद्देश्य के साथ आती है और समय आने पर आगे बढ़ जाती है।

कहानी का स्रोत
यह कहानी निकोल केर (Near-Death Experience Survivor) के इंटरव्यू और उनके व्यक्तिगत अनुभवों पर आधारित है, जो उन्होंने अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स जैसे YouTube इंटरव्यू, पॉडकास्ट्स और लाइफ-एक्सपीरियंस शेयरिंग प्लेटफॉर्म्स (जैसे NDE accounts) पर साझा किए हैं।
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