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आखिर वकील काला कोट और सफेद शर्ट ही क्यों पहनते हैं? ये है इसके पीछे की बड़ी वजह

Fri, 16 Aug 2019 06:52 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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वकील क्यों पहनते हैं काला कोट - फोटो : Social media
अक्सर आप फिल्मों में या असल जिंदगी में भी वकीलों को देखते होंगे और ये बात तो अच्छी तरह जानते ही होंगे कि वकील काला कोट और सफेद शर्ट ही पहनते हैं। लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि वकील काला कोट ही क्यों पहनते हैं, किसी और रंग का कोट क्यों नहीं? आपको बता दें कि ये कोई फैशन नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ी वजह है। 

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एडवर्ड तृतीय - फोटो : Social media
आपको बता दें कि वकालत की शुरुआत वर्ष 1327 में एडवर्ड तृतीय ने की थी और उस समय ड्रेस कोड के आधार पर न्यायाधीशों की वेशभूषा तैयार की गई थी। उस समय में जज अपने सर पर एक बालों वाला विग पहनते थे। 
 
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वकील क्यों पहनते हैं काला कोट - फोटो : Pixabay
वकालत के शुरुआती समय में वकीलों को चार भागों में विभाजित किया गया था जो कि इस प्रकार थे- स्टूडेंट (छात्र), प्लीडर (वकील), बेंचर और बैरिस्टर। ये सभी जज का स्वागत करते थे। 

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वकील क्यों पहनते हैं काला कोट - फोटो : Flickr
उस समय अदालत में सुनहरे लाल कपड़े और भूरे रंग से तैयार गाउन पहना जाता था। उसके बाद वर्ष 1600 में वकीलों की वेशभूषा में बदलाव आया और 1637 में यह प्रस्ताव रखा गया कि काउंसिल को जनता के अनुरूप ही कपड़े पहनने चाहिए। इसके बाद वकीलों ने लंबे वाले गाउन पहनने शुरू कर दिए। ऐसा माना जाता है उस समय कि यह वेशभूषा न्यायाधीशों और वकीलों को अन्य व्यक्तियों से अलग करती थी। 
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वकील क्यों पहनते हैं काला कोट - फोटो : Twitter
वर्ष 1694 में ब्रिटेन की महारानी क्वीन मैरी की चेचक से मृत्यु हो गई, जिसके बाद उनके पति राजा विलियम्स ने सभी न्यायधीशों और वकीलों को सार्वजनिक रुप से शोक मनाने के लिए काले गाउन पहनकर इकट्ठा होने का आदेश दिया। इस आदेश को कभी भी रद्द नहीं किया गया, जिसके बाद से आज तक यह प्रथा चली आ रही है कि वकील काला गाउन पहनते हैं। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : File photo
अब तो काला कोट वकीलों की पहचान बन गया है। अधिनियम 1961 के तहत अदालतों में सफेद बैंड टाई के साथ काला कोट पहन कर आना अनिवार्य कर दिया गया था। ऐसा माना जाता है कि यह काला कोट और सफेद शर्ट वकीलों में अनुशासन लाता है और उनमें न्याय के प्रति विश्वास जगाता है। 
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