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आखिर जेसीबी मशीन पीले रंग की ही क्यों होती है? जान लीजिए ये जरूरी बात

Mon, 19 Aug 2019 04:44 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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जेसीबी मशीन - फोटो : IndiaMART
जेसीबी मशीन तो आपने देखी ही होगी। इसका इस्तेमाल दुनिया में लगभग हर जगह होता है। आमतौर पर जेसीबी का काम खुदाई का होता है। कुछ महीने पहले सोशल मीडिया पर भी 'जेसीबी की खुदाई' खूब वायरल हुई थी। ये तो आप जानते ही होंगे कि जेसीबी पीले रंग की होती है, लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि ये मशीन आखिर पीले रंग की ही क्यों होती है, किसी और रंग की क्यों नहीं? 

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जेसीबी मुख्यालय - फोटो : Social media
जेसीबी के रंग के बारे में जानने से पहले इस मशीन के बारे में कुछ अनोखी बातें भी हम जान लेते हैं। दरअसल, जेसीबी ब्रिटेन की मशीन बनाने वाली एक कंपनी है, जिसका मुख्यालय इंग्लैंड के स्टैफर्डशायर शहर में है। इसके प्लांट दुनिया के चार महाद्वीपों में हैं। 
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जेसीबी कंपनी के संस्थापक जोसेफ सायरिल बमफोर्ड - फोटो : Social media
जेसीबी दुनिया की पहली ऐसी मशीन है, जो बिना नाम के साल 1945 में लॉन्च हुई थी। इसको बनाने वाले ने बहुत दिनों तक इसके नाम को लेकर सोच-विचार किया, लेकिन कोई अच्छा सा नाम न मिलने के कारण इसका नाम इसके आविष्कारक 'जोसेफ सायरिल बमफोर्ड' के नाम पर ही रख दिया गया। 

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जेसीबी मशीन - फोटो : Social media
आपको जानकर हैरानी होगी कि जेसीबी पहली ऐसी निजी ब्रिटिश कंपनी थी, जिसने भारत में अपनी फैक्ट्री लगाई थी। आज के समय में जेसीबी मशीन का पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा निर्यात भारत में ही किया जाता है। 
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जेसीबी टिपिंग ट्रेलर - फोटो : Social media
साल 1945 में जोसेफ सायरिल बमफोर्ड ने सबसे पहली मशीन एक टीपिंग ट्रेलर (सामान ढोने वाला ट्रेलर) बनायी थी, जो उस वक्त बाजार में 45 पौंड यानी आज के हिसाब से करीब 4000 रुपये में बिकी थी। 
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जेसीबी फास्ट्रैक ट्रैक्टर - फोटो : Social media
दुनिया का पहला और सबसे तेज रफ्तार ट्रैक्टर 'फास्ट्रैक' जेसीबी कंपनी ने ही साल 1991 में बनायी थी। इस ट्रैक्टर की अधिकतम रफ्तार 65 किलोमीटर प्रति घंटा थी। इस ट्रैक्टर को 'प्रिंस ऑफ वेल्स' पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है।  
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जेसीबी मशीन, 1948 - फोटो : Social media
आपको ये जानकर आश्चर्य होगा कि साल 1948 में जेसीबी कंपनी में महज छह लोग काम करते थे, लेकिन आज के समय में दुनियाभर में लगभग 11 हजार कर्मचारी इस कंपनी में काम करते हैं। 
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जेसीबी मशीन - फोटो : Social media
शुरुआत में जेसीबी मशीनें सफेद और लाल रंग की बनती थीं, लेकिन बाद में इनका रंग पीला कर दिया गया। दरअसल, इसके पीछे तर्क ये है कि इस रंग के कारण जेसीबी खुदाई वाली जगह पर आसानी से दिख जाती है, चाहे दिन हो या रात। इससे लोगों को आसानी से पता चल जाता है कि आगे खुदाई का काम चल रहा है।
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