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Newborn Baby: आखिर रोते हुए क्यों पैदा होते हैं बच्चे, जानें नवजात की पहली रुलाई क्यों है जरूरी?

Tue, 19 May 2026 03:42 PM IST
Jyoti Mehra फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Why Do Babies Cry When They Born: क्या आपने कभी सोचा है कि हर नवजात जन्म लेते ही रोता क्यों है? आखिर कोई बच्चा मुस्कुराते हुए या बिल्कुल शांत क्यों नहीं आता? आइए जानते हैं कि इसके पीछे क्या कारण है और बच्चों का रोना जरूरी क्यों होता है?
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जन्म लेते ही क्यों रोते हैं बच्चे? - फोटो : AI
Why Do Babies Cry When They Are Born: जन्म का वह पहला पल, जब एक नई जिंदगी इस दुनिया में कदम रखती है, हमेशा भावनाओं से भरा होता है। डिलीवरी रूम में जैसे ही बच्चा जन्म लेता है, एक तेज सी आवाज गूंजती है, उसकी पहली रुलाई। यह दृश्य इतना आम है कि हमने इसे सामान्य मान लिया है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि हर नवजात जन्म लेते ही रोता क्यों है? आखिर कोई बच्चा मुस्कुराते हुए या बिल्कुल शांत क्यों नहीं आता?

दरअसल, यह रुलाई किसी दर्द या भावना का परिणाम नहीं होती, बल्कि जीवन की शुरुआत का संकेत होती है। मां के गर्भ में लगभग नौ महीने तक बच्चा एक सुरक्षित और नियंत्रित वातावरण में रहता है, जहां वह एमनियॉटिक फ्लुइड से घिरा होता है। इस दौरान उसके फेफड़े हवा नहीं, बल्कि तरल से भरे होते हैं और वह स्वतंत्र रूप से सांस नहीं लेता।
 
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जन्म लेते ही क्यों रोता है बच्चा? - फोटो : अमर उजाला
जन्म लेते ही क्यों रोता है बच्चा?
जैसे ही बच्चा बाहर आता है, सब कुछ एक पल में बदल जाता है। पहली बार हवा उसके फेफड़ों में प्रवेश करती है। यह पहली सांस गहरी और अचानक होती है, जिससे फेफड़ों पर दबाव पड़ता है। इसी प्रक्रिया के कारण बच्चा रो उठता है। यह रोना दरअसल उसके श्वसन तंत्र के सक्रिय होने का संकेत है। रोने से फेफड़ों में हवा तेजी से भरती है और उनकी सूक्ष्म संरचनाएं, जिन्हें अल्वियोलाई कहा जाता है, फैल जाती हैं। इसी के साथ शरीर का श्वसन तंत्र पूरी तरह काम करना शुरू कर देता है।
 
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तापमान और वातावरण में बदलाव - फोटो : Adobe stock
तापमान और वातावरण में बदलाव
इसके अलावा, तापमान में अचानक बदलाव भी इस प्रतिक्रिया का कारण बनता है। गर्भ के अंदर का तापमान लगभग 37 डिग्री सेल्सियस होता है, जो स्थिर और गर्म रहता है। लेकिन बाहर आते ही बच्चा ठंडी हवा, तेज रोशनी, अलग-अलग आवाजों और गुरुत्वाकर्षण जैसी नई चीजों का सामना करता है। यह सब उसके लिए एक झटके जैसा होता है, और यही झटका उसकी रुलाई को जन्म देता है।
 

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क्या बिना रोए भी जन्म ले सकते हैं? - फोटो : Adobe stock
नवजात का रोना क्यों होता है जरूरी?
डॉक्टरों के लिए बच्चे का रोना एक सकारात्मक संकेत होता है। यह दर्शाता है कि बच्चा स्वस्थ है और उसकी सांसें ठीक तरह से चल रही हैं। इसी आधार पर जन्म के तुरंत बाद ‘एप्गर स्कोर’ के जरिए उसकी स्थिति का आकलन किया जाता है। अगर बच्चा तुरंत नहीं रोता, तो डॉक्टर हल्के स्पर्श या थपकी देकर उसके श्वसन तंत्र को सक्रिय करने की कोशिश करते हैं।

क्या बिना रोए भी जन्म ले सकते हैं?
हालांकि, कुछ मामलों में बच्चे बिना रोए भी जन्म ले सकते हैं। यदि वह शांत रहते हुए सामान्य रूप से सांस ले रहा हो और उसकी त्वचा गुलाबी व शरीर सक्रिय हो, तो इसे सामान्य माना जाता है। लेकिन अगर बच्चा न रोए और न ही सांस ले, तो यह गंभीर स्थिति हो सकती है और तुरंत चिकित्सकीय सहायता की जरूरत होती है।
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क्या हंसते हुए जन्म ले सकता है बच्चा - फोटो : Adobe stock
क्या हंसते हुए जन्म ले सकता है बच्चा
जहां तक सवाल है कि क्या कोई बच्चा जन्म लेते ही हंस सकता है, तो विज्ञान इसका जवाब ‘नहीं’ में देता है। हंसी एक जटिल न्यूरोलॉजिकल प्रतिक्रिया है, जो जन्म के कई हफ्तों बाद विकसित होती है। नवजात में जो मुस्कान कभी-कभी दिखती है, वह असल में एक रिफ्लेक्स होती है, न कि असली हंसी।

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