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Asteroid: धरती के बेहद नजदीक से गुजरेगा विशाल एस्टेरॉयड, टकराया तो पूरे शहर को कर सकता है तबाह!

Tue, 19 May 2026 01:47 PM IST
Jyoti Mehra फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Asteroid 2026 JH2: अगले हफ्ते एक बड़ा एस्टेरॉयड पृथ्वी के करीब से गुजरने वाला है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, अगर इस तरह की कोई वस्तु पृथ्वी से टकरा जाए, तो इसका असर बेहद विनाशकारी हो सकता है। यह इतना शक्तिशाली हो सकता है कि किसी पूरे शहर को तबाह कर दे।
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Asteroid 2026 JH2: - फोटो : AI
Asteroid 2026 JH2: आसमान हमेशा शांत दिखता है, लेकिन इसके भीतर लगातार हलचल जारी रहती है। कभी टूटते तारे, कभी उल्कापिंड और कभी-कभी ऐसे विशाल पत्थर, जो पृथ्वी के बेहद करीब आ जाते हैं। अब एक बार फिर अंतरिक्ष से जुड़ी ऐसी ही खबर सामने आई है, जिसने लोगों की जिज्ञासा और चिंता दोनों बढ़ा दी है।

दरअसल, अगले हफ्ते एक बड़ा एस्टेरॉयड पृथ्वी के करीब से गुजरने वाला है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, अगर इस तरह की कोई वस्तु पृथ्वी से टकरा जाए, तो इसका असर बेहद विनाशकारी हो सकता है। यह इतना शक्तिशाली हो सकता है कि किसी पूरे शहर को तबाह कर दे। हालांकि राहत की बात यह है कि फिलहाल इसके टकराने की संभावना नहीं जताई गई है।
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धरती की तरफ आ रही है तबाही? - फोटो : Freepik
जारी है अध्ययन 
इस एस्टेरॉयड को वैज्ञानिकों ने हाल ही में खोजा है और इसे 2026 JH2 नाम दिया गया है। इसका लगातार अध्ययन और ट्रैकिंग की जा रही है। अनुमान है कि यह पृथ्वी से करीब 90,000 किलोमीटर की दूरी से गुजरेगा, जो खगोलीय पैमाने पर काफी कम मानी जाती है। इसका आकार लगभग एक स्कूल बस जितना बताया जा रहा है, इसलिए इसे छोटा एस्टेरॉयड माना जाता है, लेकिन इसकी ताकत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
 
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बस जितना है इसका आकार - फोटो : Freepik
बस जितना है इसका आकार
वैज्ञानिकों के अनुसार, यह एक ‘अपोलो वर्ग’ का निकट-पृथ्वी क्षुद्रग्रह है, जिसकी कक्षा पृथ्वी की कक्षा को काटती है। इसे सबसे पहले अमेरिका के एरिजोना स्थित माउंट लेमन सर्वे ने पहचाना था। इसकी चौड़ाई लगभग 16 से 35 मीटर के बीच आंकी गई है, यानी छोटा होने पर बस जितना और बड़ा होने पर किसी बहुमंजिला इमारत के बराबर।
 

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वैज्ञानिकों के लिए खास अवसर  - फोटो : Freepik
वैज्ञानिकों के लिए खास अवसर 
यह एस्टेरॉयड पृथ्वी के अलावा चंद्रमा के भी करीब से गुजरेगा और यह घटना सुबह के समय घटित हो सकती है। वैज्ञानिक इसके रास्ते और गति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि इस तरह के मौके उन्हें अंतरिक्ष की कई अनसुलझी पहेलियों को समझने का अवसर देते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाएं ग्रह रक्षा (Planetary Defense) के लिए बेहद अहम होती हैं। इससे वैज्ञानिक यह समझ पाते हैं कि छोटे एस्टेरॉयड कैसे चलते हैं, उनकी दिशा कैसे बदलती है और सूर्य की रोशनी का उन पर क्या प्रभाव पड़ता है। यह जानकारी भविष्य में संभावित खतरों से निपटने में मदद करती है।
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क्या इसे देखा जा सकता है? - फोटो : Freepik
क्या इसे देखा जा सकता है?
हालांकि यह एस्टेरॉयड नंगी आंखों से दिखाई नहीं देगा, क्योंकि इसकी चमक काफी कम है। लेकिन अच्छे टेलीस्कोप की मदद से इसे देखा जा सकता है। साथ ही, कुछ अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं इसकी लाइव स्ट्रीमिंग भी करेंगी, जिससे लोग घर बैठे इस खगोलीय घटना का अनुभव ले सकेंगे।

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