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Aurangzeb: कौन था औरंगजेब? गद्दी के लिए भाईयों की भी करा दी थी हत्या, जानिए सबसे क्रूर मुगल शासक के बारे में

Thu, 06 Mar 2025 12:54 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Aurangzeb History: सत्ता के लिए औरंगजेब ने अपने पिता शाहजहां को कैद करा दिया। अपने भाई दाराशिकोह की हत्या करवाई। दूसरे भाई मुराद को भी विष देकर मरवा दिया। जनता पर अनगिनत जुल्म किए और हिंदुओं से कर वसूला।
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कौन था औरंगजेब? गद्दी के लिए भाईयों की भी करा दी थी हत्या (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Freepik
Aurangzeb History: भारत का इतिहास ऐसी हजारों घटनाओं से भरा है, जिनसे पता चलता है कि औरंगजेब क्रूर मुगल शासक था। औरंगजेब ने भारत के 15 करोड़ लोगों पर वर्ष 1658 से 1707 तक करीब 49 साल तक शासन किया। इस दौरान उसने कई मंदिरों को तुड़वा दिया। आज हम आपको अपनी इस खबर में उसके बारे में और उसकी क्रूरता की कहानी के बारे में बताते हैं।

औरंगजेब का पूरा नाम अबुल मुजफ्फर मुहिउद्दीन मुहम्मद औरंगजेब था। इसका जन्म 4 नवंबर 1618 सन् में गुजरात के दोहद में हुआ था। औरंगजेब शाहजहां और मुमताज का बेटा था। औरंगजेब के तीन और भाई थे, जिनका नाम दारा शिकोह, शाह शुजा और मुराद बख्श था। औरंगजेब मुगलों के इतिहास का ऐसा बादशाह था, जिससे सबसे अधिक लोगों ने नफरत की। इस मुगल बादशाह को भारतीयों ने कभी स्वीकार नहीं किया।  

सत्ता के लिए औरंगजेब ने अपने पिता शाहजहां को कैद करा दिया। अपने भाई दाराशिकोह की हत्या करवाई। दूसरे भाई मुराद को भी विष देकर मरवा दिया। जनता पर अनगिनत जुल्म किए और हिंदुओं से कर वसूला। उसने हिंदुओं पर कई तरह की पाबंदियां भी लगा दी थीं। उसने लाखों हिंदुओं को जबरन मुसलमान बनने पर मजबूर किया था। 
 
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मंदिरों को तोड़ने का दिया आदेश (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Freepik
मंदिरों को तोड़ने का दिया आदेश

भारत में कई मंदिरों को उसने तुड़वा दिया, जिसमें प्रमुख रूप से बाबा काशी विश्वनाथ का मंदिर और सोमनाथ मंदिर शामिल हैं। औरंगजेब ने सत्ता हासिल करने के लिए अपने परिवार के कई लोगों की हत्या कराई। औरंगजेब का सिर्फ एक लक्ष्य था वो पूरे भारत पर राज करना चाहता था। इसके लिए उसने राज्यों का दमन किया, लेकिन उसकी इच्छा पूरी नहीं हो पाई। औरंगजेब को शिवाजी महाराज से मुंह की खानी पड़ी। 

 
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औरंगजेब को शाहजहां ने सूबेदार से लेकर गवर्नर तक बनाया (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Freepik
औरंगजेब को शाहजहां ने सूबेदार से लेकर गवर्नर तक बनाया

औरंगजेब मुगल शासक शाहजहां का तीसरे नंबर का बेटा था। जहांगीर की मौत के बाद आगरा की सत्ता शाहजहां के हाथ में आ गई। औरंगजेब की बहादुरी को देखते हुए शाहजहां ने उसे दक्कन का सूबेदार बना दिया। 1637 में उसकी सफविद की राजकुमारी दिलरास बानू बेगम से शादी हुई। इस दौरान औरंगजेब कई हफ्तों के बाद आगरा वापस आया। इस बात से शाहजहां ने नाराज होकर उससे सूबेदारी का पद छीन लिया। इस दौरान औरंगजेब का अपने भाइयों से भी विवाद होने लगा था। शाहजहां ने औरंगजेब को गुजरात के सूबेदार से लेकर अफगानिस्तान का गवर्नर तक बनाया था। 
 

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अकबर के राजस्व नियम को कर दिया लागू (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Freepik
अकबर के राजस्व नियम को कर दिया लागू

शाहजहां ने साल 1653 में औरंगजेब को एक बार फिर दक्कन का सूबेदार बना दिया। इस दौरान औरंगजेब ने दक्षिण में अपने परदादा अकबर द्वारा बनाए राजस्व नियम को लागू कर दिया। आगरा से दूर होने की वजह से औरंगजेब का बड़ा भाई दारा शिकोह शाहजहां का लाडला बन गया, जो अपने पिता का सलाहकार था। दारा शिकोह और औरंगजेब की सोच विपरीत थी, जिसके कारण दोनों के बीच विवाद शुरू हो गए। इस दौरान औरंगजेब ने देखा कि सत्ता दारा शिकोह के पास जा रही है। 

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गद्दी के लिए लिए भाईयों को मरवा दिया (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Freepik
गद्दी के लिए लिए भाईयों को मरवा दिया

वर्ष 1656 में शाहजहां काफी बीमार पड़ गया। गद्दी के लिए तीनों भाइयों में विवाद शुरू हो गया था। हालांकि, औरंगजेब अपने भाईयों से ज्यादा शक्तिशाली था। इसकी वजह से उसने अपने पिता शाहजहां को बंदी बना दिया और भाईयों की हत्या करवा दी। इसके बाद वह खुद शासक बन गया। औरंगजेब ने अपना राज्य अभिषेक खुद ही करा लिया। भाइयों की हत्या और पिता को बंदी बनाने से प्रजा औरंगजेब से नफरत करने लगी थी। शाहजहां को भी औरंगजेब मारना चाहता था, लेकिन उसे कामयाबी नहीं मिली। 

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हिंदुओं पर किए जुल्म  (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Freepik
हिंदुओं पर किए जुल्म 

औरंगजेब कट्टर मुसलमान था, जिसकी वजह से उसने हिंदुओं पर बहुत ज्यादा जुल्म किए। औरंगजेब ने हिन्दू त्योहारों के मनाने पर रोक लगा दी। उसने तमाम हिंदु मंदिरों को तुड़वा दिया। हिंदुओं पर अतिरिक्त कर लगाकर उन्हें मुस्लिम धर्म अपनाने के लिए मजबूर किया। औरंगजेब के शासन काल में प्रजा पर अत्याचार बढ़ गए और मांस खाना, शराब पीना, वेश्यावृत्ति जैसे कार्यों में वृद्धि हो गई। 

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सिक्खों के नौवें गुरु तेगबहादुर की हत्या करवा दी (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Freepik
सिक्खों के नौवें गुरु तेगबहादुर की हत्या करवा दी

मुगल बादशाह औरंगजेब ने कश्मीरी ब्राह्मणों को इस्लाम कबूल करने के लिए मजबूर किया। इसके बाद उन्होंने सिक्खों के नौवें गुरु तेगबहादुर जी से मदद मांगी। तेगबहादुर जी ने इसका विरोध किया जिसके बाद औरंगजेब ने उन पर भी इस्लाम अपनाने का दबाव डाला, लेकिन वो नहीं झुके। उन्होंने कहा मैं शीश कटा सकता हूं, लेकिन केश नहीं। यह सुनकर औरंगजेब गुस्से से लाल हो गया और फिर उसने तेगबहादुज जी का सबके सामने सिर कटवा दिया।

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शिवाजी के बड़े बेटे संभाजी महाराज की कराई हत्या (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Freepik
शिवाजी के बड़े बेटे संभाजी महाराज की कराई हत्या

औरंगजेब ने शिवाजी महाराज के सबसे बड़े बेटे संभाजी महाराज की बर्बर हत्या कराई थी। 1689 में संभाजी महाराज को मुगलों ने धोखे से पकड़ लिया। इसके बाद औरंगजेब ने संभाजी महाराज को जिंदा रहने के लिए इस्लाम कबूल करने का प्रस्ताव दिया, लेकिन उन्होंने इससे इंकार कर दिया। इसके बाद मुगलों ने संभाजी महाराज को काफी शारीरिक यातनाएं दीं। यहां तक कि उनकी चमड़ी उधेड़ दी गई। उनके हाथ काट दिए दिए, लेकिन सांभाजी महाराज  झुके नहीं।

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इस्लाम कबूल नहीं करने पर फांसी पर चढ़वा दिया (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Freepik
औरंगजेब ने 11 मार्च 1689 को छत्रपति संभाजी महाराज को फांसी पर चढ़वा दिया। छत्रपति संभाजी महाराज ने हिंदू धर्म और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपने प्राणों को त्याग दिया। उनकी वीरता, कर्तव्य और देशभक्ति के लिए आज भी उनको याद किया जाता है। संभाजी महाराज को छावा भी कहा जाता है। 
 

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औरंगजेब के खिलाफ विद्रोह (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Freepik
औरंगजेब के खिलाफ विद्रोह

औरंगजेब के बढ़ते अत्याचार के खिलाफ विद्रोह शुरू होने लगा। शिवाजी महाराज और उनके उत्तराधिकारियों ने औरंगजेब के खिलाफ विद्रोह किया। सनातनी पंथ के अनुयायियों ने 1672 में गुरु तेग बहादुर जी की हत्या के बाद सिखों ने, 1669 में जाटों ने, 1679 में राजपूतों ने और अंग्रेजों की ईस्ट इंडिया कंपनी ने 1686 में औरंगज़ेब के खिलाफ व्रिदोह किया था। 
 
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कैसे हुई थी क्रूर शासक औरंगजेब की मौत (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Freepik
ऐसे हुई थी क्रूर शासक औरंगजेब की मौत

इतिहासकारों के मुताबिक, 49 वर्षों तक शासन करने के बाद औरंगजेब की मौत अहमदनगर में तीन मार्च 1707 ई. में हो गई थी। बुन्देलखंड के वीर छत्रसाल ने एक युद्ध के दौरान शरीर पर एक चीरा लगा दिया। इसके वह तीन महीने तक बिस्तर पर तड़पता रहा और फिर तड़प-तड़प कर 1707 ई. में उसकी मौत हो गई। उसकी मौत के बाद शक्तिशाली एवं वैभवशाली साम्राज्य का विघटन और पतन तेजी से हुआ। 
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