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Monsoon: भारत में मानसून की पहली दस्तक किस राज्य में होती है? जानिए देश में मानसून का एंट्री पॉइंट

Mon, 01 Jun 2026 12:48 PM IST
Jyoti Mehra फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Monsoon First Arrival City: भारत में मानसून सिर्फ मौसम का बदलाव नहीं, बल्कि एक एहसास है, जिसका इंतजार पूरे साल किया जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इस बारिश की पहली दस्तक देश के किस कोने में सुनाई देती है?
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भारत में मानसून की एंट्री कहां से होती है? - फोटो : AI
First Monsoon City In India: गर्मियों की झुलसा देने वाली धूप जब अपनी चरम पर होती है, तब हर किसी की निगाहें आसमान की ओर उठ जाती हैं, कब बादल आएंगे और कब राहत की बारिश होगी। भारत में मानसून सिर्फ मौसम का बदलाव नहीं, बल्कि एक एहसास है, जिसका इंतजार पूरे साल किया जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इस बारिश की पहली दस्तक देश के किस कोने में सुनाई देती है?

भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून सबसे पहले केरल की धरती को भिगोता है, खासतौर पर तिरुवनंतपुरम और उसके आसपास के तटीय इलाकों को। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, हर साल लगभग 1 जून के आसपास मानसून केरल के तट पर पहुंचता है। अरब सागर से उठने वाली नमी से भरी हवाएं सबसे पहले यहीं दस्तक देती हैं, इसलिए केरल को मानसून का प्रवेश द्वार कहा जाता है।
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त्योहार की तरह मानसून का स्वागत - फोटो : अमर उजाला
त्योहार की तरह मानसून का स्वागत
केरल में मानसून की पहली बारिश किसी जादू से कम नहीं लगती। तपती गर्मी के बाद जैसे ही आसमान में घने बादल छाते हैं और बूंदें गिरनी शुरू होती हैं, पूरा माहौल बदल जाता है। सूखी धरती फिर से हरी चादर ओढ़ लेती है, नदियां और झीलें भरने लगती हैं और प्रकृति जैसे फिर से जीवंत हो उठती है। यही वजह है कि यहां मानसून का स्वागत एक त्योहार की तरह किया जाता है।
 
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भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है मानसून - फोटो : AdobeStock
मानसून का महत्व सिर्फ मौसम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ भी है। देश की बड़ी आबादी खेती पर निर्भर है और अच्छी बारिश सीधे फसलों की पैदावार को प्रभावित करती है। धान, गन्ना, कपास जैसी कई अहम फसलें मानसून पर ही टिकी होती हैं।
 

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एक महीने के भीतर पूरे देश में फैल जाता है मानसून - फोटो : Istock
दिलचस्प बात यह है कि केरल से शुरू हुआ मानसून लगभग एक महीने के भीतर पूरे देश में फैल जाता है। इसके बाद उत्तर, मध्य और पूर्वोत्तर भारत में भी बारिश का सिलसिला शुरू हो जाता है। इस तरह, जब भी मानसून की शुरुआत की बात होती है, तो सबसे पहले केरल ही बारिश की बूंदों से सराबोर होता है और यही इसे भारतीय मानसून की पहली मंजिल बनाता है।
 
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कैसे होती है मानसून के आगमन की घोषणा? - फोटो : Adobe
कैसे होती है मानसून के आगमन की घोषणा?
मानसून की घोषणा केवल बारिश देखकर नहीं की जाती। इसके लिए मौसम विभाग कई वैज्ञानिक मानकों का विश्लेषण करता है, जैसे हवाओं की दिशा, बादलों की स्थिति, नमी का स्तर और वर्षा की मात्रा। जब ये सभी परिस्थितियां अनुकूल हो जाती हैं, तभी आधिकारिक रूप से मानसून के आगमन की घोषणा की जाती है।


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