आपने बॉलीवुड का मशहूर गाना ‘रोते-रोते हंसना सीखो, हंसते-हंसते रोना’ तो जरूर सुना होगा, लेकिन ‘रोते-रोते हंसना और हंसते-हंसते रोने के लिए हमें सीखने की जरूरत नहीं पड़ती। हमारे साथ ऐसा अपने आप ही हो जाता है। जब भी हम बहुत ज्यादा खुश होते हैं, तो कई बार हंसते-हंसते खुद ही हमारी आंखों से आंसू छलक आते हैं जिसे लोग खुशी के आंसू भी कहते हैं। ऐसे में आपने क्या कभी सोचा है कि आखिर ऐसा क्यों और कैसे होता है?
दरअसल, हंसना और रोना दोनों ही क्रियाएं भावनाओं की अभिव्यक्ति हैं। हंसते-हंसते रोने, यानी आंसू निकलने के पीछे दो कारण बताए जाते हैं। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है और आप जानना चाहते हैं कि आखिर ऐसा क्यों होता है, तो आज हम आपको इसके बारे में बताने जा रहे हैं... साथ ही आज हम ये भी जानेंगे कि खुशी का पहला आंसू और दुःख का पहला आंसू कौन सी आंख से निकलता है।