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False Flag Attack: जानिए क्या है ''फॉल्स फ्लैग'' अटैक, रूस-यूक्रेन युद्ध की आशंका के बीच क्यों हो रही इसकी चर्चा

Wed, 23 Feb 2022 02:57 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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क्या है ''फॉल्स फ्लैग'' अटैक - फोटो : Pixabay
False Flag Attack: रूस और यूक्रेन युद्ध के मुहाने पर खड़े हैं। दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच चुका है जिसके बाद 30 देशों का समूह नाटो भी ऐक्शन में आ गया है। माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच किसी भी समय युद्ध छिड़ सकता है। रूस ने यूक्रेन के डोन्त्सक और लुहांस्क शहरों को अलग देश की मान्यता देने के बाद वहां पर कब्जा करने के लिए सैनिकों को भेज दिया है। कहा जा रहा है कि यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर में रूस के 100 से ज्यादा मिलिट्री ट्रक प्रवेश कर चुके हैं। तो वहीं अमेरिका ने भी बाल्टिक देशों में अपने सैनिक व हथियार भेजने शुरू कर दिए हैं। संभावना यह भी जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में रूस अपनी सेना को यूक्रेन की राजधानी कीव में भी भेज सकता है। भारत समेत दुनिया के कई देश चाहते हैं कि दोनों देशों के बीच जंग न हो।

इससे पहले अमेरिका ने आगाह किया था कि  रूस "फॉल्स फ्लैग अटैक" की योजना पर तैयारी कर रहा है। अमेरिका ने दावा किया है कि राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन चाहते हैं कि दुनिया को ऐसा लगे कि रूसी सेना पर हमला हो रहा है और यह तस्वीर दिखाई जा सके। लेकिन युद्ध की आशंका के बीच पुतिन ने यूक्रेन को चेतावनी दी है कि अगर उसे हमले से बचना है, तो वह नाटो में शामिल होने से इंकार कर दे।  यूक्रेन के लिए सबसे बेहतर यही होगा।
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क्या है ''फॉल्स फ्लैग'' अटैक - फोटो : Twitter @Elbandi_
पुतिन ने कहा है कि इस संकट से बचने के लिए यूक्रेन के पास सिर्फ यही रास्ता बचा है। उन्होंने शर्त रखी है कि क्रीमिया को रूस के हिस्से के तौर पर अंतरराष्ट्रीय मान्यता दे। यूक्रेन की नाटो सदस्यता छोड़ दे और हथियारों के शिपमेंट को तुरंत रोक दे। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने यह भी कहा है कि अब शांति समझौता खत्म हो चुका है। तो युद्ध की आशंकाओं के बीच आइए जानते हैं कि फॉल्स फ्लैग अटैक क्या है? 
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क्या है ''फॉल्स फ्लैग'' अटैक - फोटो : Twitter @AbdulsatarBoch1
क्या है फॉल्स फ्लैग अटैक 

यह हमला एक तरह की सैन्य कार्रवाई है। इस हमले में एक देश अपने ही संपत्तियों और इंसान को नुकसान पहुंचाता है। सबसे बड़ी बात यह है कि दुनिया को इसे दूसरे देश की हरकत बताता है। इसकी आड़ में दूसरे के ऊपर हमला करता है। बताया जाता है कि फॉल्स फ्लैग अटैक की उत्पत्ति समुद्री लुटेरों के लिए की गई थी। समुद्री लुटेरे मैत्रीपूर्ण यानी झूठे झंडे लगाकर व्यापारी जहाजों को अपने नजदीक लाने के लिए आकर्षित करते थे। समुद्री लुटेरे व्यापारी जहाजों पर हमला कर लूटने के लिए ऐसा करते थे। 

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क्या है ''फॉल्स फ्लैग'' अटैक - फोटो : Twitter @no1_times

20वीं शताब्दी में 'फॉल्स फ्लैग अटैक' से जुड़ी कई घटनाएं सामने आई थीं। साल 1939 में नाजी जर्मनी के एजेंटों ने पौलेंड बाॅर्डर के पास एक जर्मन रेडियो स्टेशन से जर्मन-विरोधी संदेश का प्रसारण किया और कई नगारिकों को मार दिया। नाजी जर्मनी के एजेंटों ने मारे गए लोगों को पोलिश सैन्य वर्दी पहना दी थी। उन्होंने पोलैंड पर जर्मनी का नियोजित हमला बताने के लिए ऐसा किया था। इसी साल सोवियत संघ ने भी फिनलैंड की सीमा से अपने क्षेत्रों में बम फेंके और इसका फिनलैंड पर आरोप लगाया। 
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क्या है ''फॉल्स फ्लैग'' अटैक - फोटो : Twitter @mfa_russia
तीसरे विश्व युद्ध की आशंका

रूस और यूक्रेन के बीच तनाव के बाद तीसरे विश्व युद्ध की संभावनाएं जताई जाने लगी हैं। कई विशेषज्ञों का कहना है कि रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध छिड़ता है, तो यह तीसरे विश्व युद्ध का रूप ले सकता है। 
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