Rogue Planets: अंतरिक्ष अरबों-खरबों ग्रहों से भरी हुई है, जहां आप तौर पर दो तरह के प्लेनेट पाए जाते हैं। कुछ ग्रह ऐसे होते हैं तो किसी तारे के चारों ओर चक्कर लगाते हैं। हमारे सौर मंडल में मौजूद सभी ग्रह सूर्य की परिक्रमा करते हैं। वहीं कुछ ग्रह ऐसे भी होते हैं जो किसी से बंधे नहीं होते और अंतरिक्ष में खानाबदोश की तरह यहां-वहां भटकते रहते हैं। इन स्वतंत्र ग्रहों को दुष्ट ग्रह, इंटरस्टेलर या अनाथ ग्रह के नाम से भी जाना जाता है। अंतरिक्ष वैज्ञानिकों की मानें तो इन ग्रहों की तादाद खरबों में है, जो तारों की परिक्रमा करने वाले प्लेनेट्स से बहुत अधिक है। आइए आजम हम आपको बताते हैं कि ये खानाबदोश ग्रह आखिर बनते कैसे हैं और यदि हमारी पृथ्वी भी एक अनाथ या भटकते हुए ग्रह में बदल जाए तो क्या होगा?
कैसे होता है खानाबदोश ग्रहों का निर्माण?
खानाबदोश ग्रहों के निरंतर गति और प्रकाश उत्सर्जन की कमी की वजह से उनका पता लगाना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में इन ग्रहों का निर्माण आज भी एक रहस्य बना हुआ है। हालांकि कुछ शोधकर्ताओं ने इस पर स्पष्टीकरण दिया है कि छोटे ग्रहों का गुरुत्वाकर्षण अपने मूल तारों के साथ कमजोर होता है, इसलिए अपनी कक्षाओं से बाहर निकलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।