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7 माह की बच्ची से दिखाई थी दरिंदगी, कोर्ट ने 22 दिन में सुनाया ऐतिहासिक फैसला

Sun, 22 Jul 2018 05:51 PM IST
फीचर डेस्क, अमर उजाला
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राजस्थान के अलवर में एक 7 महीने की बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के मामले में अलवर की विशेष अदालत ने आरोपी पिंटू भराड़ा को फांसी की सजा सुना दी। आपको बता दें कि लक्ष्मणगढ़ थाना इलाके में बच्ची को घर से उठाकर ले जाने के बाद उसके साथ दुष्कर्म किया गया था। विशिष्ट न्यायाधीश जगेंद्र अग्रवाल ने इस मामले में सुनवाई करते हुए केवल 22 दिनों में आरोपी को दोषी करार दिया है। राजस्थान का यह पहला ऐसा मामला है, जिसमें 2 महीने 11 दिनों के अंदर ही आरोपी को सजा सुना दी गई।
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Nirbhaya Rape Case
दरअसल, केंद्र सरकार की ओर से पोक्सो एक्ट में हाल ही किए गए नए संशोधन के बाद 12 वर्ष से कम उम्र की बच्चियों से दुष्कर्म के मामले में फांसी की सजा का प्रावधान किया गया है। इस कारण आरोपी के खिलाफ भारतीय धारा 363, 366, 376 ए बी 5एम/6 पोक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
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car gang rape
गत 9 मई 2018 को लक्ष्मणगढ़ इलाके में 19 वर्षीय आरोपी पिंटू भराड़ा दृष्टिहीन ताई की गोद से 7 महीने की बच्ची को छीनकर ले गया था। बाद में गांव के जोहड़ के पास ले जाकर मासूम के साथ ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़ा और उसकी जमकर पिटाई की। बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।
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demo pic
आपको बता दें कि पीड़ित बच्ची की मां पानी लेने गई हुई थी। इस दौरान उसने अपनी सात महीने की बेटी को अपनी दृष्टिहीन जिठानी के गोद में दिया था। 10 मई 2018 को पुलिस में मामला दर्ज हुआ और इसके बाद पुलिस ने 18 मई को कोर्ट में चालान पेश कर दिया। कोर्ट ने रोज सुनवाई करते हुए 22 कार्य दिवस में आरोपी को फांसी की सजा सुना दी। 
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