ये कहानी अमेरिका में रहने वाली एक ऐसी युवती की है जिसने न सिर्फ अपने अंदर के डर और हिचक पर जीत हासिल की बल्कि अब दूसरों के लिए भी मिसाल बन गईं। लगातार 14 सालों से स्कूल जाने से पहले फिर कॉलेज जाने से पहले 26 साल की नोवा खुद को खास तरीके से तैयार करती थी। मगर फिर एक दिन उनके दिमाग में कुछ ऐसा आया, जिसके बाद उनकी पूरी जिंदगी ही बदल गई।
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दरअसल, 26 साल की नोवा गैलेक्सिया पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) बीमारी से पीड़ित है। इस बीमारी के कारण उसके चेहरे पर मर्दों की तरह बाल उग आए थे। टीनेज में ही शुरू हुई इस बीमारी के चलते वो पिछले 14 सालों से लगातार शेविंग करते आ रही थी ताकि दुनिया से इस बीमारी को छिपा सके। लेकिन अब उसे अपनी दाढ़ी से प्यार हो गया और उसे बढ़ाने व लोगों को दिखाने में उसे कोई परेशानी नहीं है।
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ये कहानी अमेरिका में रहने वाली एक ऐसी युवती की है जिसने न सिर्फ अपने अंदर के डर और हिचक पर जीत हासिल की बल्कि अब दूसरों के लिए भी मिसाल बन गईं।
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शुरुआती दौर में नोवा इस हार्मोनल डिसॉर्डर के कारण बढ़ते चेहरे के बालों से अपमानित महसूस करती थी। नोवा ने बताया कि स्कूल जाने से पहले हर रोज शेव किया करती थी। जल्दी उठ जाती थी और शेव करती थी। मगर वास्तव में अपनी दाढ़ी को अधिक समय तक छिपा नहीं सकती थी। फिर 2017 में उन्होंने नो शेव नवंबर मनाने की सोची। एक महीना शेव नहीं किया।
इस दौरान नोवा को लगने लगा कि वह खुद से भाग रही है। सोसाइटी क्या कहेगी, इस चक्कर में अपना जीवन खो रही है, एक डर और हिचक में जी रही है। बस फिर क्या था उसने फैसला किया कि मैं जैसी हूं, वैसी ही रहूंगी और दाढ़ी बढ़ानी शुरू कर दी। नोवा चाहती है कि उसकी कहानी अन्य लोगों को भी इंस्पायर करे ताकि वे बेहिचक अपनी बॉडी को अपना सकें और खुद से नफरत न करें।