सोमवार को तेल कंपनियों ने पेट्रोल की कीमत में 33 रुपये प्रति लीटर की दर से इजाफा किया। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 77.14 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं मुंबई में महज एक लीटर पेट्रोल के लिए लोगों को 84.40 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। पेट्रोल पर मची हाय तौबा के बीच हर कोई इन तीन सवालों के जवाब जानना चाहता हौ-
-जो पेट्रोल उपभोक्ता को करीब 77 रुपये में मिल रहा है, उसे तेल कंपनिया सिर्फ 36 रुपये में खरीदती हैं। तो 41 रुपये किसकी जेब में गए?
-जब अंतरर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल की कीमत घट रही है, तो फिर हमारे देश में पेट्रोल महंगा क्यों हो रहा है?
- जिस देश को भारत तेल बेच रहा है वहां पेट्रोल सस्ता है, तो फिर खुद भारत में इसकी कीमत इतनी ज्यादा क्यों है?
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कच्चा तेल महंगा होने पर भी कम थी पेट्रोल की कीमत
आमतौर पर दलील दी जाती है कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल की कीमत बढ़ने की वजह से देश में पेट्रोल महंगा हो रहा है। आपके ज्ञानवर्धन के लिए बता दें कि साल 2013 में जब कच्चा तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार भी जा पहुंची थी, तब पेट्रोल की कीमत अधिकतम 71.31 रुपये प्रति लीटर थी। मगर अब जब कच्चा तेल की कीमत 80 डॉलर प्रति बैरल से भी कम है, तो भी खुदरा बाजार में पेट्रोल 76.57 प्रति लीटर की दर से बिक रहा है। ऐसा कैसे हो सकता है भला?
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टैक्स का खेल
भले ही अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल सस्ता हो, मगर इसे भारत लाने के लिए तेल कंपनियों को भारी एक्साइज ड्यूटी चुकानी पड़ती है। साल 2014 से लगातार ड्यूटी बढाई जा रही है। नवंबर 2014 से जनवरी 2016 तक एक्साइस ड्यूटी में करीब 9 गुना बढ़ोतरी की गई। सिर्फ एक बार, अक्टूबर 2017 में इसमें कमी की गई। बजट 2018 में भी भले ही पेट्रोल और डीजल पर एक्साइस ड्यूटी 2 रुपये प्रति लीटर की दर से घटाया गया, मगर दूसरी तरफ रोड सेस आठ फीसदी बढ़ने से बात घुमा फिराकर वहीं पहुंच गई।
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ऐसे तय होती है एक लीटर पेट्रोल की कीमत
23 मई, 2018 के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में तेल की कीमत इस आधार पर तय की गई है-
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल की कीमत 86.28 डॉलर प्रति बैरल है। वहीं, डॉलर की मौजूदा एक्सचेंज रेट 67.45 रुपये है। इस लिहाज से एक बैरल के लिए तेल कंपनियों को 86.28x 67.45 यानी 5819.58 रुपये खर्च करने पड़ते हैं।
एक बैरल में 159 लीटर पेट्रोल होता है। इस हिसाब से एक लीटर पेट्रोल की कीमत 36.60 रुपये हुई। बीपीसीएल के मुताबिक इस तेल को रिफाइन करने के बाद कंपनियां डीलर को 37.63 प्रति लीटर की दर से पेट्रोल बेचती हैं।
मौजूदा नियम के अनुसार, भारत में एक लीटर पेट्रोल लाने के लिए डीलरों को 19.48 रुपये केंद्र सरकार को देना पड़ता है।
वहीं, यानी डीलर तक पहुंचते पहुंचते पेट्रोल की कुल कीमत कुल 57.11 (19.48+37.63) रुपये प्रति लीटर हो जाती है।
पेट्रल और डीजल वस्तु एवं सेवा कर के अंतर्गत नहीं आते। राज्य सरकारें इस पर वैल्यू ऐडेड टैक्स (वैट) वसूलती हैं। यही वजह है कि हर राज्य में पेट्रोल की कीमत में फर्क होता है। दिल्ली में पेट्रोल पर 27 फीसदी टैक्स लगा है। यानी प्रति लीटर 16.40 रुपये टैक्स लगता है। इसके अलवा डीलर का कमीशन 3.63 प्रति लीटर तय किया गया है।
यानी पेट्रोल की कुल कीमत हुई- 57.11 +16.40 +3.63 = 77.14 रुपये प्रति लीटर