वैश्विक स्तर पर हर साल करीब 8 मिलियन टन प्लास्टिक, जिसमें बोतलें, पैकेजिंग और अन्य वेस्ट होता है, समुद्र में डाला जाता है। यही प्लास्टिक कचरा जलीय जीवों की मौत का सबसे बड़ा कारण बन रहा है और फिर जलीय जीवों के माध्यम से इंसानी शरीर में प्रवेश कर जाता है। जिससे इंसानी स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है।