होटल और रेस्त्रा लोगों की जरूरतों के नहीं बल्कि शौक की जगहें हैं। यहां लोग अपनी मर्जी और हैसियत के हिसाब से जाते हैं और खर्च करने में संकोच नहीं करते। ऐसी जगहों पर टिप यानी की बख्शीश का भी चलन होता है। वेटर की सर्विस से खुश या नाराज होकर लोग टिप देते हैं। भारत में ये कल्चर 5 और 10 रुपये से शुरू होता है। बाहरी देशों में भी कुछ इसी तरह की टिप दी जाती है।