बचपन में आपने जलपरी की खूबसारी कहानियां तो सुनी ही होगी। जी हां... वहीं जलपरी जो पानी में रहती हैं। आधा शरीर मछली का और आधा इंसान का... लेकिन इस बात में कितनी सच्चाई है, ये आज तक राज ही बना है।
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viral video Mermaid screenshot
इधर, सोशल मीडिया पर इन दिनों बड़ी ही तेजी से एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि समुद्र से एक मछुआरे ने जलपरी पकड़ी है। बता दें 15 दिसंबर को यू-ट्यूब पर अपलोड किए गए इस वीडियो को अभी तक 1 लाख से भी अधिक लोग देख चुके हैं। आइए जानते हैं इस वायरल वीडियो का सच...
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में एक जलपरी दिखती है। सच-मुच की जलपरी। कुछ दिनों पहले ओखी नाम का चक्रवात आया था। लोग कह रहे हैं कि इसी चक्रवात में ये जीव बाहर आया और लोगों के हाथ लग गया। इस वायरल वीडियो के साथ-साथ कई तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर तैर रही हैं।
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demo
गौरतलब हो वीडियो में एक अजीब सा दिखने वाला जीव नजर आ रहा है। जो लकड़ी के एक तख्त पर लेटे हुए है। वीडियो में इसके हाथ पीछे बंधे हुए हैं। धीरे-धीरे सांस भी ले रहा है। शेयर करने वाले शख्स का कहना है कि विशाखापटनम में सचमुच की जलपरी पाई गई है।
जबकि कई लोग कह रहे कि इसे गंगा नदी से निकाला गया है। इसके कई पोस्ट तो फेसबुक पर कैप्शन के साथ देखे गए हैं। अब जानिए क्या है इस जलपरी का सच...
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Mermaid
मीडियो रिपोर्टो के मुताबिक, जिसे लोग जलपरी समझने की भूल कर रहे, उसे एक कलाकार ने बनाया है। बताया जा रहा है कि इंटरनेट खूब खंगालने के बाद यह अनोखी मछली बनाते हुए एक शख्स की तस्वीर सामने आई है। इस कलाकार को म्यांमार का एक आर्टिस्ट बताया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि कलाकार ने इसे लकड़ी और फायबर से बनाया है। वीडियो में इसके सांस लेने का रहस्य ये है कि इसके गले में एक मोटर फिट है। वो चलता है, तो लगता है मानो मूर्ति (यानी जलपरी) सांस ले रही हो। जिस समय की तस्वीरें वायरल हो रही हैं, वो किसी प्रदर्शनी में ली गईं थीं।
हालांकि इस कलाकार ने किस्से- कहानियों वाली सुंदर जलपरी की जगर एक मोटी सी, जमीन पर पड़े हुए मांस के लोथड़े सी भद्दी दिखने वाली जलपरी बनाई है। असल में यह जलपरी कम जलपरा ज्यादा नजर आ रही है।
ये तो सच है कि किसी भी कलाकार के कमाल को लोग बिना जांचे-परखे उसे सच मान बैठते हैं और उसे तेजी से शेयर करने लगते हैं। लेकिन ऐसा करना से आप गलत सूचना लोगों में पास करते हैं। पाठकों से अनुरोध है कि ऐसा भ्रम फैलाने से बचें।