employee loses job
ऊंचे होते पैमाने
पेनसिल्वेनिया यूनिवर्सिटी की डॉक्टर अलेक्जांड्रा मिचेल ने इन्वेस्टमेंट बैंकर्स के जीवन और करियर पर बडी रिसर्च की है। वो कहती हैं, "साल के अंत में आपको मिलने वाला ईनाम दूसरों के बरक्स आपके मूल्यांकन पर निर्भर करता है। आपको पता नहीं होता कि वे क्या काम कर रहे हैं। आपको बस इतना पता होता है कि वे सुपर स्मार्ट हैं और गाढी मेहनत कर रहे हैं।"
कर्मचारियों को पता होता है कि उनके काम को सहकर्मियों के बनिस्पत आंका जाएगा। चूंकि उन्हें ये पता नहीं होता कि उनके सहकर्मी असल में क्या कर रहे हैं, इसलिए वे अपने लिए बहुत ऊंचा मानक तय कर लेते हैं जिससे कोई कसर ना रह जाए।चूंकि इस व्यवस्था में सभी लोग ऐसा ही करते हैं, इसलिए ये पैमाना ऊंचे से और ऊंचा होता जाता है।
शोध के दौरान एक कंसल्टिंग फर्म के सीनियर एक्जीक्यूटिव ने अपने दो सहकर्मियों के बारे में बताया जो काम तो अच्छा करते थे, मगर हमेशा इस आशंका में रहते थे कि उन्हें खराब परफॉर्मेंस के लिए झिडकी मिलेगी और नौकरी छोडने को कहा जाएगा।जब उनके बॉस उन्हें जल्दी घर जाने और परिवार को समय देने को कहते तो उनका जवाब होता, "नहीं नहीं, मुझे काम करना है।"