anand piramal with father Ajay Piramal
आनंद के परदादा सेठ पीरामल ने आजादी से पहले शेखावाटी क्षेत्र में शिक्षा की अलख जगाई थी। दरअसल, आनंद के दादा गोपीकृष्ण ने कस्बे में बीएड कॉलेज का निर्माण करवाया था, जिसमें पढ़ने के लिए दूर-दूर से आज भी छात्र-छात्राएं आते हैं। हाल ही में आनंद उस वक्त चर्चा में आए जब उन्होंने मुकेश अंबानी को उन्हें व्यवसायी बनने के लिए प्रेरणा देने के लिए शुक्रिया कहा था। मुंबई में एक कार्यक्रम में बात करते हुए आनंद ने कहा था कि मैंने उनसे पूछा था कि मुझे कंसल्टिंग में जाना चाहिए या बैंकिंग में उसके जवाब में उन्होंने कहा था कि कंसल्टेंट होने का मतलब है कि, जैसे आप क्रिकेट देख रहे हैं या कमेंट्री कर रहे है, जबकि व्यवसायी बनने का मतलब है कि आप क्रिकेट खेल रहे हैं। आप कंमेंट्री करके क्रिकेट खेलना नहीं सीख सकते। अगर आप कुछ करना चाहते हैं तो व्यवसायी बनें और अभी से इसकी शुरुआत करें।