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इस गांव के लोग चप्पलों से भागते हैं दूर, पहनने वाले को भुगतना पड़ता है अंजाम

Sat, 27 Oct 2018 04:25 PM IST
फीचर डेस्क, नई दिल्ली
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Sleepers ban in village of Tamilnadu
फैशन के इस दौर में कपड़ों से मैचिंग जूते-चप्पल पहनने का चलन तेज हो गया है। साधारण शख्स के पास भी दो तीन जोड़ी जूते चप्पल तो होते ही हैं। शौकीन लोग तो इस पर हजारों लाखों रुपये खर्च कर देते हैं। कुछ सालों पहले तक पिछड़े गांवों में नंगे पांव चलने पर कुछ लोग दिखाई दे जाया करते थे। लेकिन आज चप्पल और जूते फैशन के साथ-साथ जरूरत बन चुके हैं। लेकिन आज आपको यहां ऐसे गांव के बारे में बताने जा रहे हैं जहां जूते चप्पल पहनने के नाम पर नाराज हो जाते हैं लोग।  
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Sleepers ban in village of Tamilnadu - फोटो : Facebook
अब आप सोच रहे होंगे कि ये कैसे हो सकता है तो हम आपको बता दें कि मदुराई से 20 किलोमीटर दूर एक ऐसा गांव है जहां पर लोगों को जूते चप्पल पहनना मना है। इस गांव का नाम कलिमायन है। 
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Sleepers ban in village of Tamilnadu - फोटो : Facebook
इस गांव में सालों तक किसी ने अपने पैर में चप्पल या फिर जूते नहीं पहने। यहां तक की इस गांव के लोग अपने बच्चों को भी इसे पहनने से मना करते हैं। अगर कोई गलती से भी जूते पहन लेता है तो उसे कठोर सजा सुनाई जाती है। 

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Sleepers ban in village of Tamilnadu - फोटो : Facebook
जूते चप्पल न पहनने के पीछे लोगों का अपना तर्क है। इस गांव के लोग अपाच्छी नाम के देवता की सदियों से पूजा करते आ रहे हैं। उनका मानना है कि अपाच्छी नाम के देवता ही उनकी रक्षा करते हैं। अपने इसी देवता के प्रति आस्था दिखाने के लिए गांव की सीमा के अंदर जूते-चप्पल पहनना मना है। 
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Sleepers ban in village of Tamilnadu - फोटो : Facebook
इस गांव के लोग पीढ़ियों से इस परंपरा को निभाते चले आ रहें हैं। अगर गांव के लोगों को कही जाना होता है तो हाथ में चप्पल लेकर गांव की सीमा तक आने के बाद पहन लेते हैं। 
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