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बच्चों की करते थे ऐसी परवरिश, पड़ोसियों ने परिवार को घर से निकाला...

Wed, 13 Sep 2017 01:14 PM IST
amarujala.com- Presented by: किरण सिंह
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अधिकतर पेरेंट्स अपने बच्चों को उठने बैठने, खाने पीने यहां तक कि वाशरूम यूज करना सिखाते हैं, लेकिन परवरिश के इन तरीकों ने इंग्‍लैंड की एक फैमिली से उनका घर छीन लिया। आपके दिमाग में यही सवाल घूम रहा होगा कि इन दोनों बातों में आपस में क्या संबंध है। दरअसल एडले और मैट ऐलन एक ऑफ ग्रिड पेरेंट्स है, यानी पारंपरिक तरीके से हटकर चलने वाले और इसी वजह से इनको बेघर होना पड़ा।

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इनके दो बच्चे हैं और ये अपने बच्चों को एक नेचुरल जिंदगी देना चाहते हैं। ये पूरी फैमिली आधुनिकता से भी लगभग दूर ही है। इन्होंने आधुनिक दवाओं को त्याग दिया और एडले अभी भी अपने 5 साल के बच्चे को ब्रेस्टफीडिग करवाती हैं।
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इनके बेघर होने के पीछे का कारण जानकर शायद आपके दिमाग में भी कई सवाल घूमने लगें, लेकिन नेचर तो इस परिवार के रग-रग में बसता है। दरअसल एक दिन इनकी बेटी ने फ्लोर पर यूरिन कर दिया। अब आप भी सोच रहे होंगे इसके बाद इन्होंने अपनी बेटी को इसके बारे में सिखाया होगा, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। यहां तक कि इन्होंने कुछ भी प्रतिक्रिया नहीं दी। 

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एक रूम के फ्लैट में रह रहे इस फैमिली ‌को साफ सफाई न करने के चलते ही बेघर होना पड़ा। एडले ने फेसबुक पर इस बात की जानकारी दी। बच्चो का जन्म लोटस बर्थ मेडिकल टेक्निक से हुआ था। यानि ऐसी टेक्निक जिसमें नाभिनाल को हटाया नहीं गया था।
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यहां तक कि एडले ने उनकी नाल को एक कूल में नमक और बिखरे हुए गुलाब की पत्तियों के साथ रखा हुआ है। जो उसकी किसी भी तरह की गंध को छिपा सके। नेचुरल रहने का फितूर इतना की बच्चों को स्कूल तक नहीं भेजते ये पेरेंट्स। दोनों बच्चे जो भी सीखे वह आसपास के नेचर से ही। और आज भी ये बच्चे पेड़-पौधों से ही सीख रहे हैं। इन बच्चों के सोने और न जगने का कोई समय नहीं है। इसके लिए कोई समय निर्धारित नहीं किया गया और न ही फ्रेश होने के लिए कोई जगह निर्धारित की गई है।
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