अमरनाथ यात्रा
गुलाम हसन बताते हैं कि जब नेहरू जी आते थे कश्मीर, तो मलिक परिवार को याद करते थे। लेकिन आगे चलकर हमारा पूरा महत्व फारूक अब्दुल्ला सरकार ने खत्म कर दिया। लेकिन वो कांगड़ी कहां है, इस बारे में पूछे जाने पर मलिक कहते हैं कि बूटा मलिक से ये कांगड़ी तत्कालीन राजाओं ने ले ली थी और अब ये किसी को नहीं पता कि ये कांगड़ी कहां है। वो कहते हैं, 'हमने बहुत कोशिशें कीं, उसके बारे में पता करना चाहा लेकिन राजतरंगिणी में भी हमारे परिवार का जिक्र है और इस पौराणिक कथा का भी।'