इस गांव का नाम 'पाचोरा' है। यहां की आबादी मात्र 900 है। ये गांव सिकलीगरों के गांव के नाम से जितना मशहूर है उतना ही बदनाम भी। दरअसल, यहां 150 सिकलीगर परिवार रहते हैं जो पूरे देश में हथियार बनाने के लिए कुख्यात हैं। यह बात 2003 की है जब सरकार ने वादा किया था कि यहां के युवाओं को रोजगार देंगे। मगर असलियत में इनकी कहानी कुछ और ही बनी। सरकार की शर्त के मुताबिक इन सिकलीगरों ने आत्मसर्पण कर दिया और हथियारों का कारोबार बंद कर दिया।