आखिर लॉलीपॉप दिवस क्यों मनाया जाता है..? क्या आप इस बारे में जानते हैं..? दरअसल, इसके पीछे एक खास वजह छुपी हुई है। 20 जुलाई को हर साल यह दिन सेलिब्रेट किया जाता है। इस एक दिन आप सबसे लोकप्रिय, स्वादिष्ट, रंगीन और जी ललचा देनेवाली लॉलीपॉप दिलखोल कर खा सकते हैं।
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गौर करने वाली बात है कि बाजार में आपको कई तरह की लॉलीपॉप कैंडी मिल जाएंगी। कैंडी जो कि एक छड़ी के तरह नजर आती है। दिखने में रंगबिरंगी और थोड़ी कठोर होती है। बाजार की किसी भी जनरल स्टोर पर लॉलीपॉप आपको हमेशा विभिन्न रूपों में देखने को मिल जाएगी। लेकिन क्या आप जानते हैं लॉलीपॉप कब और कैसे बनाई गई और इसके आविष्कारक कौन है?
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जिस लॉलीपॉप को आप इतने चाव से खाते हैं जब आपसे कोई उसका इतिहास पूछ लेगा तो शायद इस संबंध में बोलने के लिए आपके पास शब्द ही न हो। इसलिए आपके लिए यह जानना जरूरी हो जाता है। लॉलीपॉप को आधुनिक युग की देन समझा जाता है। दुनिया में सबसे पहली लॉलीपॉप जॉर्ज स्मिथ नामक शख्स ने बनाई थी।
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फूड फॉर थॉट: एक्स्ट्राऑर्डिनरी लिटिल क्रॉनिकल्स ऑफ द वर्ल्ड बुक के मुताबिक, लॉलीपॉप का आविष्कार न्यू हेवन के कनेक्टिकट में रहने वाले जॉर्ज स्मिथ ने किया था। उन्होंने सबसे पहले 1908 में एक ऐसा चिप-चिपा द्रव तैयार किया जो स्वादिष्ट और जी ललचा देने वाला था। उस वक्त इसे एक मिठाई के तौर पर उबाल कर बनाया गया था। लेकिन जब यह खाने में चलन में आ गई तो जॉर्ज समझ गए कि इसे कैश करने का वक्त आ गया है। उन्होंने 1931 में लॉलीपॉप नाम का ट्रेडमार्क अपने नाम करवा लिया। वैसे कहा ये भी जाता है कि खाने वाली लॉलीपॉप से पहले इसी नाम से एक पसंदीदा घुड़दौड़ होती थी। इसका नाम भी 'Lolly पॉप' बताया जाता है।
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लॉलीपॉप मशीन का आविष्कार
बात करें अगर लॉलीपॉप मशीन के इतिहास की तो यह अभी भी स्पष्ट नहीं है। कैलिफोर्निया की एक हलवाई की मशीनरी कंपनी के सैम नामक शख्स ने सबसे पहले स्वचालित लॉलीपॉप मशीन का आविष्कार किया। इसके बाद से ही बड़े स्तर पर लॉलीपॉप का उत्पादन शुरू हो गया। दुनिया भर के लोग, वयस्कों समेत बच्चे भी इस स्वादिष्ट चीज से दूर नहीं थे। अपने मीठेपन से दांतों को संतुष्ट कर देने वाले इस खास उत्पाद को लोग आनंद लेकर खाने लगे।
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20 जुलाई को लॉलीपॉप डे क्यो?
आज लॉलीपॉप बैंकों पर उपलब्ध हैं, फार्मेसियों, स्थानीय दुकानों और लगभग हर जगह जहां भी आप जाओगे तो आसानी से आपको लॉलीपॉप अलग-अलग प्रकार में उपलब्ध होगी। फिर चाहे वह आकृति आकार में अलग क्यों न हो। पूरी दुनिया के अलग-अलग कोनों में लोग 20 जुलाई को लॉलीपॉप डे के रूप में सेलीब्रेट करते हैं।
इस दिन को लोग इसलिए सेलीब्रेट करते हैं ताकि वे लोगों में प्यार का प्रसार कर सकें। वे आपस में एक-दूसरे को लॉलीपॉप देकर खुशियां व प्यार बांटते हैं। इसलिए आप भी आज के इस खास दिन को अपने अजीज व घर के छोटे बच्चों के साथ सेलीब्रेट कर सकते हैं।
या फिर किसी गरीब बच्चे के चेहरे पर खुशी देखने के लिए आप उसे कम से कम एक लॉलीपॉप तो दे ही सकते हैं। अभी स्थानीय दुकान पर जाएं और एक बैग लॉलीपॉप से भरा खरीदकर लाएं। और जिस किसी को आप लॉलीपॉप दें उसे इस दिन की खासियत भी जरूर बताएं।
कमरिया लॉलीपॉप लागे लू....
आज की तारीख में लॉलीपॉप इतनी फेमस हो चुकी है कि इसका इस्तेमाल न सिर्फ खाने में बल्कि गानों में होने लगा है। जी हां 'लॉलीपॉप' शब्द पर अब गाने तैयार किेए जाने लगे हैं। इससे 'लॉलीपॉप' की प्रसिद्धि के बारे में पता चलता है। आपको बताना चाहेंगे कि 'कमरिया लॉलीपॉप लागे लू' नामक भोजपुरी गाना इसी शब्द के कारण दुनियाभर में फेमस हुआ है।