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LED बल्ब पर ये रिसर्च नहीं पढ़ी होगी आपने, यूज करते हैं तो जरूर पढ़ें वायरल खबर का सच

Fri, 08 Jun 2018 09:58 AM IST
फीचर डेस्क, अमर उजाला
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led bulb
पहले घरों में उजाला रखने के लिए बल्ब का इस्तेमाल किया जाता था लेकिन ज्यादा बिजली खपत के कारण इसका विकल्प तलाशे जाने के लिए बात उठने लगी। कई बड़ी कंपनियों ने मिलकर इस पर रिसर्च भी की और फिर इजाद किया 'LED बल्ब'... लोगों को यह बेहद रास आया क्योंकि इसके इस्तेमाल से उनके घरों की बिजली का बिल जो घट गया था। फिर तेजी से पूरे देश ने LED बल्ब ही इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। आज लगभग हर घर में आपको LED बल्ब देखने को मिल जाएगा। जब यह फायदे का सौदा बन गया तो उपभोक्ताओं के साथ-साथ इसके कई निर्माणकर्ता भी बाजार में ऊतर आए, लेकिन आज हम आपको LED बल्ब से जुड़ा एक ऐसा सच बताएंगे जिससे आप अभी तक अंजान होंगे। 
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led bulb
हाल ही बाजार में मिलने वाले LED बल्ब पर रिसर्च हुई तो यह चौंकाने वाली बात सामने आई। घरेलू बाजार में उपलब्ध एलईडी बल्ब के 76 फीसद ब्रांड उपभोक्ता सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करते पाए गए हैं। नीलसन की एक स्टडी रिपोर्ट में ऐसा कहा गया है। नीलसन ने नई दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद और हैदराबाद में बिजली के सामान की खुदरा बिक्री करने वाली 200 दुकानों को शामिल किया। अध्य्यन में पाया गया कि एलईडी बल्ब के 76 फीसदी ब्रांड ने उपभोक्ता सुरक्षा मानकों का उल्लंघन किया है। इसमें एलईडी डाउनलाइटर के 71 फीसदी ब्रांड भी शामिल है।
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led bulb
वायरल हो रही खबर की मानें तो  भारतीय मानक ब्यूरो और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रसारण मंत्रालय ने ये मानक तैयार किए हैं। 'इलेक्ट्रिक लैंप एंड कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन' के मुताबिक दिल्ली में मानकों को लेकर सबसे ज्यादा उल्लंघन के मामले सामने आए हैं। ये नकली प्रोडक्ट उपभोक्ताओं के लिए गंभीर रूप से खतरनाक बताए जा रहे हैं। इसके अलावा इनके कारोबार से सरकार को टैक्स राजस्व का नुकसान भी हो रहा है क्योंकि इनकी मैन्युफैक्चरिंग और बिक्री गैर-कानूनी तरीके से की जा रही है।'

 

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एलईडी बल्ब - फोटो : File
देश के प्रमुख बाजारों में कराए गए सर्वे में पाया गया है कि एलईडी बल्ब के 48 फीसद ब्रांडों के प्रोडक्ट पर उसे बनाने वाली कंपनी के पते का जिक्र नहीं है। 31 फीसद ब्रांड में उसे तैयार करने वाली कंपनी का नाम नहीं है। जाहिर है, इनकी मैन्युफैक्चरिंग गैर-कानूनी तरीके से हो रही है। 45 फीसद ब्रांड तो ऐसे पाए गए, जिनकी पैकिंग पर मैन्युफैक्चरर का नाम नहीं है। 51 फीसद ब्रांड के प्रोडक्ट पर उसे तैयार करने वाली कंपनी का पता नहीं है।

 
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led bulb - फोटो : demo pic
देश में एलईडी का कुल बाजार तकरीबन 10 हजार करोड़ रुपये का है। सभी तरह के कामकाजी जगह, दफ्तर और घरों में ब़़डे पैमाने पर एलईडी बल्ब इस्तेमाल होते हैं।  पूरे बाजार में इनकी हिस्सेदारी लगभग 50 फीसद है।
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