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हाईकोर्ट ने लड़की को दी लिव-इन में रहने की मंजूरी, इस वजह से मान ली 19 साल के ब्वॉयफ्रेंड की अपील

Sat, 04 Aug 2018 11:32 AM IST
फीचर डेस्क, अमर उजाला
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court Order
गुजरात हाईकोर्ट ने 20 साल की युवती को उसके ब्वॉयफ्रेंड के साथ बिना शादी के साथ रहने का इजाजत दे दी है। युवती के ब्वॉयफ्रेंड की उम्र 19 साल है और अब वह बिना किसी डर के उसके साथ लिव-इन में रह सकती हैं। कोर्ट के आदेश के बाद अब दोनों के घर वाले उन पर किसी भी तरह का दबाव भी नहीं बना सकते। मगर किस आधार पर कोर्ट ने ऐसा चौंकाने वाला फैसला सुनाया?
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Gujarat High Court
इस आधार पर कोर्ट ने सुनाया फैसला
दरअसल,लड़की का कहना है कि वह अपने परिवार के साथ नहीं रहना चाहती क्योंकि उसे उसके ब्वॉयफ्रेंड से दूर रखा जा रहा है। वहीं बाल विवाह निषेध अधिनियम के मुताबिक लड़का चाहकर भी अभी अपनी गर्लफ्रेंड से शादी नहीं कर सकता। इसके लिए उसे दो साल तक यानी जब तक वह 21 साल का नहीं हो जाता तब तक इंतजार करना होगा।
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टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, 19 जुलाई को लड़के ने कोर्ट में याचिका दायर की थी। उसका आरोप था कि लड़की के परिवार वालों ने लड़की को कैद कर रखा है और उससे मिलने की अनुमति नहीं मिल रही है। लड़के ने कोर्ट से अपील की कि उसे गर्लफ्रेंड के साथ तब तक लिव-इन में रहने की इजाजत दी जाए, जब तक उसकी उम्र शादी की नहीं हो जाती। इसके बाद दोनों शादी कर लेंगे। इसी आधार पर कोर्ट ने अपना आदेश सुनाया।
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गौरतलब है कि बाल विवाह निषेध अधिनियम के मुताबिक शादी के लिए लड़की की उम्र 18 और लड़के की उम्र कम से कम 21 साल अनिवार्य है। राज्य सरकार ने भी कोर्ट को आश्वासन दिया है कि खुद पुलिस लड़की को उस जगह ले जाएगी जहां वह ब्वॉयफ्रेंड के साथ रहना चाहती है। 
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