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इस मंदिर को कहते हैं नरक का दरवाजा, इसमें जाने वाला कभी लौटकर नहीं आया वापस

Thu, 29 Nov 2018 05:30 PM IST
फीचर डेस्क, अमर उजाला
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- फोटो : Social Media
आपने आजतक कई तरह के मंदिरों और उनके रहस्यों के बारे में सुना होगा लेकिन आज हम जिस मंदिर के बारे में आपको बताने जा रहे हैं उसको लेकर कहा जाता है कि यहां नरक का दरवाजा है जिसके पास जाने से इंसान वापस फिर कभी नहीं लौटता है। हालांकि खोजकर्ताओं ने वहां हो रही मौतों के पीछे की वजह को खोज निकलाने का दावा किया है। 
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- फोटो : Social Media
दरअसल, दक्षिणी तुर्की के हीरापोलिस शहर में एक बेहद प्राचीन मंदिर है। इस मंदिर को नरक का दरवाजा नाम दिया गया है, क्योंकि पिछले कई सालों से यहां लगातार रहस्यमयी मौतें हो रही हैं। दरअसल इस मंदिर के संपर्क में आते ही पशु-पक्षी तक मर जाते थे। कहा जाता था कि उनकी मौत यूनानी देवता की जहरीली सांसों की वजह से हो रही है।


 
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roman gate to hell turkey - फोटो : Social Media
अजीबोगरीब घटनाओं की वजह से लोग इस मंदिर को नरक का दरवाजा कहने लगे। यहां तक कि ग्रीक, रोमन काल में भी मंदिर के आसपास जाने वाले लोगों का सिर कलम कर दिया जाता था। मौत के डर की वजह से ही उस समय भी लोग यहां जाने से डरते थे। वैज्ञानिकों की खोज के बाद यहां हो रही मौतों के पीछे की गुत्थी सुलझा ली गई है। उनका कहना था कि इसके पीछे मंदिर के नीचे से लगातार रिसकर बाहर निकल रही कार्बन डाई ऑक्साइड गैस है।

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- फोटो : Social Media
इस जगह को लेकर जर्मनी के डुइसबर्ग-एसेन विश्वविद्यालय के प्रोफेसर हार्डी पफांज का कहना है कि यहां हुए अध्ययन से यहां अत्यधिक मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड होने का पता चला है। उनका कहना है कि ऐसा हो सकता है कि ये गुफा ऐसी जगह पर हो, जहां पृथ्वी की परत के नीचे से जहरीले गैसें निकल रही हों।
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- फोटो : Social Media
अध्यन के मुताबिक इस प्लूटो मंदिर के नीचे बनी गुफा में कार्बन डाई ऑक्साइड बहुत बड़ी मात्रा में पाई गई है। ये वहां 91 प्रतिशत तक मौजूद है। आश्चर्यजनक रूप से वहां से निकल रही भाप की वजह से ही वहां आने वाले कीड़े-मकोड़े और पशु-पक्षी मारे जाते हैं। ग्रीक भूशास्त्री स्ट्राबो भी इस जगह को जानलेवा मानते हैं। उनका कहना है कि ये जगह पूरी तरह से वाष्प से भरी होने की वजह से काफी धुंधली और घनी है कि यहां जमीन भी मुश्किल से दिखाई देती है।
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इटली के एक पुरातत्ववेत्ता फ्रांसेस्को डी-एंड्रिया का कहना है कि खुदाई के दौरान गुफा के जानलेवा हालात हम साफ देख सकते हैं। यहां कार्बन डाई ऑक्साइड के धुएं की वजह से सैकड़ों पक्षी मारे गए, क्योंकि उन्होंने इसके करीब आने की कोशिश की थी। एंड्रिया का दावा है कि उन्होंने यहां आने वाले लोगों को छोटे-छोटे पक्षी दिए जाते हैं, ताकि वे गुफा के घातक प्रभावों का असर टेस्ट कर सकें।
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