फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

11 साल की बच्ची का बढ़ता जा रहा था पेट, प्रेग्नेंट समझकर डॉक्टर ने किया चेकअप तो सन्न रह गया परिवार

Wed, 17 Jan 2018 09:56 AM IST
फीचर डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 5
hospitalised girl
कभी-कभी पेट दर्द हो जाना आम बात है। इस कारण लोग कई बार इसे हल्के में ले लेत हैं। इससे भी बड़ी भूल तो तब कर देते हैं जब वे बिना किसी डॉक्टर की सलाह के खुद इसका इलाज करने लगते है। जी हां ऐसे तमाम देशी डॉक्टर आपके घरों में होंगे लेकिन ये कितना घातक सिद्ध हो सकता है, इस एक मामले से स्पष्ट होता है। 
 
विज्ञापन

2 of 5
girl in hospotal with family member
जी हां, पेट दर्द का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने डॉक्टर को भी सोचने पर मजबूर कर दिया। यहां तक की डॉक्टर ने तो उसकी बीमारी को कुछ और ही समझ लिया था। इसके बारे में सुन कर आपके पैरों तले जमीन खिसक जाएगी। दरअसल, ऑस्ट्रेलिया में एक स्कूलगर्ल के पेट में दर्द और तकलीफ को डॉक्टर प्रेग्नेंसी समझने बैठे। लेकिन क्वींसलैंड की रहने वाली 11 साल चेरिश रोज लावेले को कुछ ओर ही बीमारी थी। उसका वेट अचानक गिरने लगा और उसके पेट में दर्द रहने के साथ उसका साइज बढ़ने लगा।

 
विज्ञापन

3 of 5
girl in hospital
मां भी जानकर चौंक पड़ी थी
चेरिश की मां जब उसे हॉस्पिटल लेकर गई तो शुरुआती दौर में डॉक्टर्स को लगा कि लड़की प्रेग्नेंट है, लेकिन चेकअप में दूसरी ही बात सामने निकलकर आई। चेरिश में तेजी से फिजिकल चेंज तो हो ही रहे थे और इसके साथ ही उसकी लुक में भी फर्क आ गया था, लेकिन मां लुईस को लगा कि ईटिंग डिस्ऑर्डर के चलते ये बदलाव आया है।

 

4 of 5
girl in hospital
लुईस ने बताया कि पिछले दो महीने से मैं उसे बदलाव देख रही थी। वो सामान्य तौर पर जैसी खुश रहती थी न वैसी खुशी थी और न ही गाना गाती थी। पर एक दिन अचानक चेरिश के पेट में भयानक दर्द शुरू हो गया। तब लुईस उसे लेकर इलाज के लिए हर्वे बे हॉस्पिटल पहुंची।

डॉक्टर को उसका हाल और पेट का बढ़ता साइज देखकर लगा कि वो प्रेग्नेंट हैं। हालांकि, पेट में दर्द और बिगड़ते शरीर के पीछे वजह कुछ और ही थी। डॉक्टर्स ने जब उसका टेस्ट कराया गया तो ओवरी में जर्म सेल कैंसर की बात सामने आई।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
girl in hospital
डॉक्टर हैरान रह गए क्योंकि ये कैंसर इस उम्र की लड़कियों में बमुश्किल ही होता है। इसके बाद ट्रीटमेंट के लिए उसका छह महीने का पूरा शेड्यूल बदला गया और उसे ट्रीटमेंट तक होमस्कूल में आगे की पढ़ाई करने के लिए कहा गया। 

इसके साथ ही चेरिश की कीमोथैरेपी का सिलसिला शुरू हुआ और दो हफ्तों बाद जब ट्यूमर का साइज घट गया तो ट्यूमर को निकाल दिया गया। हालांकि, इसके अभी कीमोथैरेपी का सिलसिला जारी रहेगा, लेकिन उसे अपने पूरे बाल गंवा देने पड़े।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें