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कौन हैं अरबपति पिता की दौलत को ठुकराने वालीं हिना, MBBS भी में हैं गोल्ड मैडलिस्ट

Thu, 19 Jul 2018 06:43 PM IST
फीचर डेस्क, अमर उजाला
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Hina Kumari
कहावत प्रचलित है कि कलयुग में दौलत के लिए कोई किसी का सगा नहीं होता। इसी हसरत में कई इंसान हर रिश्ते का कत्ल करने को तैयार हो जाते हैं। फिर वो चाहे एक ही कोख से जन्मा भाई हो या फिर मां-बाप। ऐसे लोगों के लिए तो बाप बड़ा न भैया सबसे बड़ा रुपैया वाली बात सही होती है और वे इसी नक्श-ए-कदम पर चलते हैं। लेकिन आज हम आपको एक ऐसी शख्सियत से मिलवाएंगे जिसने अपने पिता की अरबों रुपए की दौलत को ठुकराकर साध्वी जीवन अपना लिया। आइए जानते हैं कौन हैं अरबपति पिता की दौलत को ठुकराने वालीं हिना, MBBS भी में हैं गोल्ड मैडलिस्ट...
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Hina Kumari
जी हां, मुंबई बेस्ड एक अरबपति पिता की 28 वर्षीय बेटी हिना हिंगड़ सांसारिक जीवन त्यागकर जैन साध्वी बन गई हैं। हिना ने सूरत में आचार्य विजय यशोवर्मा सुरेश्वरजी महाराज से दीक्षा ली। अब वे साध्वी श्री विशारदमाला कहलाएंगी। अहमदनगर विश्वविद्यालय से गोल्ड मेडलिस्ट हिना पिछले तीन वर्षों से प्रैक्टिस कर रही थीं। वे छह बहनों में सबसे बड़ी हैं। परिवार मूल रूप से घाणेराव (पाली, राजस्थान) का रहने वाला है। पिता अशोक कुमार का यार्न का कारोबार है। पिछले पांच वर्षों से वे मुंबई में रह रहे हैं।

 
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एमबीबीएस टॉपर रहीं हिना हिंगड़ पिछले कई सालों से अपने परिजनों को सन्यास के लिए मना रही थी। आखिरकार वो इसमें सफल हुई और बुधवार को दीक्षा ग्रहण कर ली। वह अपने छात्र जीवन में ही आध्यात्मिकता की तरफ आकर्षित हो गई थीं। हिना परिवार की 6 बहनों में सबसे बड़ी हैं। उनके इस कदम से परिवार दुखी है लेकिन बेटी की इच्छा के आगे उन्हें झुकना पड़ा।  

 
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जब हिना ने अपने परिवार को अपने आध्यात्मिक रुझान के बारे में बताया तो उनके घर वाले राजी नहीं हुए। हिना का कहना है कि उन्हें सांसारिक सुखों को त्याग कर आध्यात्मिक संयम का रास्ता अपनाना है। जैन भिक्षु बनने के हिना के फैसले से उनके परिवार वाले दुखी हैं। हिना का मानना है कि सांसारिक जीवन छोड़कर जैन भिक्षु बन जाना हर किसी के बस की बात नहीं है। 


 
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