हम आपको मिला रहे हैं एक ऐसे नौजवान से, जो न तो बोल सकता है और न ही सुन सकता है, लेकिन डांस ऐसा करता कि देखने वालों की आंखें खुली रह जातीं। अक्षय कुमार ने इन्हें लखपति बना दिया है।
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प्रभदीप सिंह
ये शख्स म्यूजिक सुने बिना सुर ताल मिलाता है और इस समय एक बड़ा शो जीतने की ओर कदम बढ़ा रहा है। आप सोच रहे होंगे कि बिना म्यूजिक सुने डांस कैसे संभव है। अरे, मंजिल उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है। पंखों से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है।’
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प्रभदीप सिंह
इस कहावत को सही कर दिखाया है पंजाब के मोगा जिले के गांव कड़ियाल के रहने वाले 23 साल के प्रभदीप सिंह गिल ने। प्रभदीप सिंह बोल और सुन नहीं सकते, लेकिन गानों की बीट पर उनके पांव इस तरह थिरकते हैं कि सबकी आंखें खुली की खुली रह जाती हैं। ऐसा ही कुछ हुआ अक्षय कुमार के साथ, जब डांस दीवाने प्रोग्राम में उन्होंने प्रभदीप का डांस देखा। वे अपनी मूवी गोल्ड की प्रमोशन के सिलसिले में मौनी रॉय के साथ शो में बतौर अतिथि पहुंचे थे।
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प्रभदीप सिंह
प्रभदीप की परफॉर्मेंस देखकर अक्षय कुमार भावुक हो गए। उन्होंने प्रभदीप की न सिर्फ तारीफ की, बल्कि उसे गोल्ड मेडल पहनाकर सम्मानित किया, साथ ही पांच लाख रुपये का चेक पुरस्कार स्वरूप दिया। अक्षय कुमार ने बताया कि वे एक मार्शल आर्ट इंस्टीट्यूट चलाते हैं। इसमें बच्चे, नौजवान, लड़कियां, महिलाएं और भी कई लोग सीखने के लिए आते हैं। जब भी कोई अच्छा परफॉर्म करता हैं, तो वे उसे एक लाख रुपये बतौर ईनाम देते हैं।
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प्रभदीप सिंह
प्रभदीप सिंह गिल की माता जसवीर कौर ने बताया कि वह टीवी पर औरों को डांस करते देखता था तो एक दिन खुद भी वैसे ही डांस स्टैप करने लगा। उसे देखकर मुझे भी हैरानी हुई, फिर उसके एक दोस्त ने समझाया कि वो देखकर डांस करता है। अब वह डांस सीखने की जिद करने लगा था तो 15 साल की उम्र में उन्होंने उसे मोगा के सोनू जैक्शन अकेडमी में डांस सीखने के लिए भेजा। उसके बाद तो प्रभदीप के पांव रुके ही नहीं। ऐसा लगा मानो उसके सपने को उड़ान मिल गई थी।
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प्रभदीप सिंह
प्रभदीप अपने अब तक के सफर में पंजाब के कई शहरों में हुए कार्यक्रमों में ट्राफियां और मेडल जीत चुके हैं। ढाई माह पहले उन्होंने अमृतसर में डांस दीवाने के लिए ऑडिशन दिया था। सेलेक्ट होने के बाद उन्हें दिल्ली बुलाया गया और वहां भी प्रभदीप सेलेक्ट हो गया। इसके बाद मुंबई आ गया और हजारों प्रतिभागियों में से पहले 20 प्रतिभागियों में स्थान बनाया और अब वह शो के टॉप 5 कंटेस्टेंट में से एक है। तीनों जज उसके डांस के कायल हैं और लगातार उसे प्रोत्साहित करते रहते हैं।
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प्रभदीप सिंह
प्रभदीप की मां ने बताया कि प्रभदीप दसवीं तक पढ़ा है। उसने मोगा के धर्मकोट के गुरु नानक स्कूल से दसवीं की है। इससे पहले की शिक्षा उसने घड़ियाल के सरकारी स्कूल में हासिल की। प्रभदीप अच्छी तरह से पढ़ तो नहीं सकता, लेकिन देखकर लिख लेता है। यही नही अपना, माता-पिता व सभी खास लोगों का नाम लिख लेता है। वह न बोल सकता है और न सुन सकता है, मगर उसे समझ
है। वह इशारों की भाषा समझता है। देखकर वह कोई भी काम कर लेता है।
बता दें कि प्रभदीप का परिवार मोगा के बुग्घीपुरा चौक लुधियाना रोड पर साढ़े चार-पांच वर्ष से रह रहा है। उनका पैतृक गांव कड़ियाल है। प्रभदीप के पिता भजन सिंह गिल पहले मैकेनिक थे। अब मोगा के बुग्घीपुरा चौक पर दादा मोटर्स के पास चाय-ठंडे की दुकान चलाते हैं। प्रभदीप परिवार में सबसे छोटा बेटा है। प्रभदीप से बड़ा सतनाम आर्मी में श्रीनगर में तैनात है। सबसे बड़ा हरदीप सिंह विवाहित है और मलेशिया में है। परिवार में महज प्रभदीप ही माता-पिता के साथ रहता है।