जीरो ग्रेविटी यानी अंतरिक्ष में भी अब शैंम्पेन का मजा लिया जा सकेगा। आप सोच रहे होंगे कि ये कैसे संभव है। दरअसल, अंतरिक्ष में कोई भी तरल पदार्थ बुलबुले बनकर उड़ने लगता है। लेकिन वैज्ञानिकों ने इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया है। बहुत जल्द अब अापको ऐसी शैम्पेन देखने को मिल सकती है जिसे अंतरिक्ष में भी आराम से पी सकेंगे। कहने का आशय है कि यह शैम्पेन बुलबुला बनकर अंतरिक्ष में नहीं उड़ेगी।
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दरअसल, इसके पीछे काम करेगी एक खास तरह की बोतल जिसे तैयार कर रहे हैं फ्रांसीसी इंटीरियर डिजाइनर ओक्टेव डि गौले। द मम शैम्पेन हाउस की टीम उनके साथ मिलकर इस दिशा में काम कर रही है। लेकिन बताना चाहेंगे कि यह शैम्पेन अंतरिक्ष में जाने वाले अंतरिक्ष यात्रियों के लिए नहीं बल्कि पर्यटकों के लिए बनाई जा रही है।
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यह राज की बात उस वक्त सामने आई जब अंतरिक्ष यात्रियों के लिए बनाई जाने वाली इस शैम्पेन के प्रमोशनल प्रोग्राम में दुनिया के सबसे तेज धावक उसेन बोल्ट पहुंचे। वे इस शैम्पेन के प्रमोशन को यहां पहुंचे थे। ओलिंपिक खेलों में आठ स्वर्ण पदक जीतने वाले उसेन बोल्ट ने बुधवार को शैम्पेन के प्रमोशन के लिए जीरो ग्रैविटी फ्लाइट में पहले दौड़ लगाई। उसके बाद बोल्ट ने प्रोग्राम की तस्वीरें ट्विटर अकाउंट पर भी शेयर की।
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फिलहाल, ये जानना बड़ा रोचक है कि शैम्पेन में क्या खास है। अंतरिक्ष के लिए तैयार की जा रही इस शैम्पेन में जो खास बात रहने वाली है वो है इसकी बोतल। सारा खेल इसी का है। इस बोतल में ऐसी तकनीक को जोड़ा जाएगा जिससे कि बोतल से निकली शैम्पेन बुलबुले बनकर स्पेस में नहीं उड़ेगी और पर्यटक इसे आराम से पी सकेंगे।
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यह अपने तरल रूप में ही रहेगी। आपकी जानकारी के लिए बताना चाहेंगे कि यह शैम्पेन भविष्य में अंतरिक्ष में जाने वाले पर्यटकों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है। हालांकि अंतरिक्ष जाने वाले एस्ट्रोनोट को यह शैम्पेन पीने की मनाही होगी। अंतरिक्ष यात्री जीरो ग्रेविटी में भी इसका आनंद उठा सकेंगे। इस बोतल का यह फायदा होगा कि शैम्पेन बुलबुलों में तब्दील नहीं होगी। इस बोतल का नाम 'Zero-G bottle' बताया जा रहा है।
अंतरिक्ष में तरल बहुत अलग रूप से व्यवहार करता है। जी हां, अंतरिक्ष में बर्फ, शहद और शैंपेन के स्वत: ही बुलबुले बन जाते हैं। यदि अंतरिक्ष होता है, तो तरल-भिन्न व्यवहार करता है। यह किनारों पर कार्बनिक अणुओं का निर्माण करता है। जिसकी वजह से बुलबुले बनते हैं।