मूल केस की सुनवाई के दौरान भी कोर्ट ने सर्वसम्मत फैसला नहीं दिया था। गैर-लाभकारी कानूनी संस्थान ओरेगन इनोसेंस प्रोजेक्ट हॉर्नर के केस की समीक्षा कर रही थी, जिसमें कई खामियां पाई गई थीं।
अप्रैल में संस्थान ने स्थानीय सरकारी वकील जॉन हमल से केस पर कुछ आपत्ति जताई थी, जिसके बाद वो संस्थान के साथ मिलकर काम करने को राजी हुए थे। सवाल ये भी था कि लूसी आखिर कहां गई थी। हॉर्नर का कहना था कि लूसी जिंदा है और उन्होंने उसे मारने की कोशिश नहीं की थी।
हॉर्नर के इस दावे के बाद संस्थान और सरकारी वकील के कार्यालय के अधिकारियों ने लूसी को ढूंढने की काफी कोशिश की। अंत में टीम ने ओरेगन कोस्ट में लूसी और उसके मालिक को ढूंढ निकाला।
संस्थान के अधिकारी लिसा क्रिस्टन का कहना है कि लूसी की पहचान उसकी दिखावट और कुछ अन्य सबूतों के आधार पर की गई थी। लूसी के मिलने के बाद यह साबित हो गया कि बच्ची ने गलत बयान दिया था। हॉर्नर को इसके बाद रिहा कर दिया गया।