अपने चहेते को खुश करने के लिए यूपी पुलिस ने दो लोगों के साथ क्रूरता की हद पार कर दी। दोनों को जी भरकर पीट लेने के बाद पुलिस ने ऐसा कुछ किया कि जानकर रूह कांप जाए।
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मामला उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी का है। यहां पढ़ुआ चौकी इंचार्ज बिपिन कुमार यादव ने दो लोगों को जमकर पीटा और फिर उनके जख्मों पर कई बार प्रेशर से पानी डाला। इतना ही नहीं उनके सााथ दरिंदगी की सारी हदें पार कर जख्मों पर नमक छिड़क दिया गया। यह सब पैसों के लिए किया गया। जी हां दो दिन तक हिरासत में रखने के बाद दोनों से रुपये लेकर उन्हें छोड़ दिया।
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पीड़ित ने एसपी के सामने पेश होकर चौकी में थर्ड डिग्री टॉर्चर की आपबीती सुनाई। इस पर एसपी खुद मंगलवार को चौकी पहुंचे। प्रथम दृष्टया आरोप सही पाते हुए एसपी रामलाल वर्मा ने चौकी इंचार्ज को जमकर फटकारा। साथ ही सीओ पलिया को इस मामले की जांच सौंपते हुए बुधवार शाम तक रिपोर्ट देने के आदेश दिए। हालांकि चौकी इंचार्ज ने आरोपों को निराधार बताया है। पुलिस की इस क्रूरता का शिकार हुए रामलखन भार्गव पढ़ुआ और रामबहादुर गौतम भउवा पुरवा के रहने वाले हैं।
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एसपी को रामलखन ने बताया कि 19 मई की रात में चौकी के पुलिस कर्मी उनके घर में घुस आए और उन्हें बाइक के साथ पकड़कर ले गई। रामलखन ने पुलिस से पकड़ने का कारण पूछा तो बताया कि चौकी चलकर बताएंगे। आरोप है कि चौकी में रामलखन पर दबाव डाला गया कि वह रामबहादुर गौतम पर अपनी बाइक चोरी करने का आरोप लगाए। ऐसा करने से मना करने पर रामलखन को तब तक पीटा जब तक उसने रामबहादुर का नाम नहीं ले लिया। इसके बाद उसी रात रामबहादुर को भी पुलिस ने उठा लिया और उसे निर्वस्त्र कर चौकी के नवनिर्मित भवन के एक कमरे में बंद करके बेरहमी से पीटा। रामबहादुर ने बाइक चुराने की बात स्वीकार नहीं की तो उसे उल्टा लटकाकर मारा।
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यूपी पुलिस
लटकाकर जख्मों पर नमक डाला और पानी छिड़कते हुए दोबारा पीटा।
रामलखन के अनुसार, छोड़ने के बदले दोनों से 10-10 हजार रुपये लिए गए। घर पहुंचने के बाद दोनों परिजनों के साथ एसपी से मिले। एसपी मामले को गंभीरता से लेते हुए मंगलवार दोपहर बाद चौकी पहुंचे। वहां भी चौकी इंचार्ज के सामने पीड़ितों से जानकारी ली। इसके बाद पुलिस ने दोनों का मेडिकल कराने के लिए सीएचसी भेज दिया।
चौकी इंचार्ज के चहेते से हुई थी रामलखन की अनबन
रामलखन ने बताया कि चौकी इंचार्ज के एक चहेते से रामबहादुर से अनबन हो गई थी। इसलिए वह चहेते को खुश करने के लिए रामबहादुर को सबक सिखाना चाहते थे। इसी के चलते चौकी इंचार्ज ने पहले उसे पकड़ा और बाइक चोरी में रामबहादुर का नाम कहलवाया।