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दुनिया का पहला ऐसा मंदिर जहां होती है मुस्लिम देवी की पूजा, डॉलर माता बन गरीबों को करती मालामाल

Fri, 15 Jun 2018 09:24 AM IST
फीचर डेस्क, अमर उजाला
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देश-दुनिया में कई मंदिर हैं जिनमें से कई तो ऐसे भी हैं जिनके पीछे कोई न कोई रोचक कहानी है। आज हम आपको भारत के एक ऐसे ही मंदिर के बारे में बताएंगे, जहां डॉलर माता का पूजन होता है... 
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ये मंदिर गुजरात के अहमदाबाद से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर मेहसाणा जिले के 'झूलासन' गांव में स्थित है। जहां मंदिरों में मान्यताओं के अनुसार हिंदू देवी-देवताओं की पूजा की जाती है, वहीं इस मंदिर में मुस्लिम महिला की पूजा की जाती है। 'topyaps' की रिपोर्ट के मुताबिक  यह एकमात्र हिन्दू मंदिर है, जहां मुस्लिम महिला की पूजा की जाती है। है न अपने आप में यह बेहद अनोखा मंदिर...
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बताना चाहेंगे कि यह मंदिर अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स के पिताजी का पैतृक गांव में बना है। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस मंदिर को बनाने के लिए गांव के लोगों ने ही 4 करोड़ रुपए से ज्यादा इकट्ठा किए और इस भव्य मंदिर का निर्माण कराया। इस मंदिर के बारे में लोगों का मानना है कि 250 साल पहले यहां 'डोला' नाम की एक मुस्लिम महिला ने उपद्रवियों से अपने गांव को बचाने के लिए उनसे बहुत ही वीरतापूर्वक लड़ाई लड़ी थी। युद्ध में अपने गांव की रक्षा करते हुए उसने अपनी जान गवां दी थी लेकिन अपने गांव पर उसने एक आंच न आने दी थी। 

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उसके मरने के बाद शरीर एक फूल में परिवर्तित हो गया। इस चमत्कार और बलिदान के चलते लोगों ने उस फूल के ऊपर ही उसके नाम से एक मंदिर का निर्माण करा दिया। गांव वाले कहते हैं 'डोला' आज भी हमारे बीच मौजूद हैं और वह हमारे गांव की रक्षा ही नहीं करतीं, बल्कि लोगों के दु:ख-दर्द भी हर लेती है। कुछ ऐसी ही है इस अद्भुत मंदिर की कहानी। 
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'डोला' के नाम पर ही इस मंदिर को नाम मिला है। इसे 'डॉलर माता' का मंदिर भी कहा जाता है, क्योंकि लगभग 7,000 की जनसंख्या वाले इस गांव के 1,500 से अधिक निवासी अब अमेरिका के नागरिक हो गए हैं। सुनीता विलियम्स जब अंतरिक्ष यात्रा पर गईं तो उनकी सुरक्षित वापसी के लिए इस मंदिर में एक अखंड ज्योति जलाई गई थी, जो 4 महीने तक लगातार जलती रही। ये बात कम ही लोग जानते होंगे। 
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