फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अपने जिगर के टुकड़े की जान बचाने के लिए बाघ से भिड़ गई, लहूलुहान होने के बाद इस अंदाज में आई सेल्फी

Thu, 05 Apr 2018 08:21 AM IST
फीचर डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 6
rupali with her mother
साहस की परीक्षा इस युवती से अच्छा कौन दे पाएगा भला...? सामने मौत खड़ी थी लेकिन इस युवती का साहस जरा भी नहीं ढगमगाया। इरादा इतना मजबूत था कि आखिर में उस जंगली बाघ को ही हार माननी पड़ गई। जी हां, इस 21 साल की युवती ने अपने जिगर के टुकड़े की जान बचाने के लिए एक जंगली बाघ से टक्कर ली। 

 
विज्ञापन

2 of 6
rupali with her mother
कॉमर्स ग्रैजुएट रुपाली मेश्राम नामक यह लड़की देखने में एकदम दुबली-पतली है। फिर भी यह लड़की बाघ से जरा भी नहीं डरी। हालांकि युवती और उसकी मां हमले में बुरी तरह घायल हो गई। बाघ के हमले के बाद युवती नागपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में इलाज के लिए पहुंची थी। बाघ के पंजों से बुरी तरह घायल और खून से लथपथ इस बहादुर लड़की ने आपबीती सुनाई तो सबके रोंगटे खड़े हो गए। 
विज्ञापन

3 of 6
medical - फोटो : bbc
दरअसल रुपाली और उसका परिवार पूर्वी विदर्भ में भंडारा ज़िले के नागझिरा इलाक़े में वाइल्ड लाइफ़ सैंक्चुरी (वन्य जीव अभयारण्य) से सटे गांव में रहता है। उसकी मां जीजाबाई और बड़ा भाई वन विभाग के लिए दिहाड़ी मज़दूरी करते हैं। उसके अलावा परिवार ने बकरियां पाल रखी हैं ताकि कुछ और रुपए बच पाएं। 

 

4 of 6
rupali
24 मार्च की रात जब बकरियों के मिमियाने की आवाज आई तो नींद से उठकर रुपाली ने घर का दरवाजा खोल दिया। आंगन में बंधी बकरी खून से लथपथ थी और उसके करीब हल्की रोशनी में दिखती बाघ की छाया। उसे बकरी से दूर करने के इरादे से रुपाली ने एक लकड़ी उठाकर बाघ पर वार किया। लकड़ी की मार पड़ते ही बाघ ने उन पर धावा बोला।"उस के पंजे की मार से रुपाली के सिर से खून बहने लगा, लेकिन वह फिर भी उस पर लकड़ी चलाती रही। रुपाली ने चीख कर अपनी मां को बाघ के बारे में बताया।

 
विज्ञापन

5 of 6
tiger
रुपाली की मां जीजाबाई कहती हैं, इस पार रुपाली की मां भी दौड़ती है और देखती है कि रुपाली के सिर से खून बह रहा है। इस पर रुपाली के मां ने भी बाघ पर डंडा चलाया लेकिन इसमें रुपाली की मां भी घायल हो गई।बड़ी मुश्किल से वह रुपाली को घर के भीतर लाती है। रुपाली के घर के आसपास कोई नहीं रहता इसलिए मां-बेटी उस बाघ के सामने अकेले पड़ गई। ठीक तभी रुपाली ने कुछ ऐसा किया जिसकी ऐसे समय कल्पना भी नहीं की जा सकती थी।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
rupali fight with tiger
उसने मोबाइल फोन निकालकर अपनी और मां की कुछ सेल्फिया ले ली। दरअसल, रुपाली इस एक रिकॉर्ड की तरह से रखना चाहती थी। मां ने लोगों को फोन करने का सुझाव दिया। इनमें एक वनकर्मी भी था जो आधे घंटे बाद पहुंचा। हम भी बाहर आए, लेकिन तब तक बाघ जा चुका था।''

इस मंगलवार को ही उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया हालांकि इसी महीने दो बार और आने को कहा गया है। लेकिन समस्याओं की फेरहिस्त यहीं खत्म नहीं होती। पिछले दस दिनों से मां और भाई दोनों काम पर नहीं जा सके हैं।  ज़ाहिर है कि आर्थिक समस्या काफी है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें