केरल में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में स्कूल जाती छात्राएं
केरल का साक्षरता कार्यक्रम अहम क्यों?
इस कार्यक्रम की निदेशक पीएस श्रीकला ने कहा, ''अब कार्तियानी हज़ारों लोगों के लिए रोल मॉडल की तरह हैं। मौजूदा वक़्त में राज्य के दो हज़ार वॉर्ड्स में कार्यक्रम को चलाया जा रहा है। कार्यक्रम के अगले चरण में हम स्थानीय निकायों को भी इसमें जोड़ेंगे।''
श्रीकला बताती हैं कि इस कार्यक्रम के ज़रिए अगले चार सालों में राज्य के सभी लोगों को साक्षर बनाने की कोशिश की जा रही है। 2011 की जनगणना के मुताबिक़, केरल में क़रीब 18 लाख लोग निरक्षर थे। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़, कार्तियानी अम्मा की टीचर साथी कहती हैं- वो हमेशा अपनी किताब तकिए के नीचे रखकर सोती हैं। हमने उन्हें चौथी क्लास में दाखिला दे दिया है। जल्द ही पढ़ाई की सामग्री उन्हें मुहैया कराई जाएगी। पढ़ाई जल्द शुरू होगी। वो जल्द से जल्द 10वीं क्लास की पढ़ाई करना चाहती हैं।''