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कोर्ट में हुई गाय की पेशी, कुर्सी छोड़ मजिस्ट्रेट साहब भी आए बाहर, ये है पूरा मामला

Sat, 13 Apr 2019 12:17 PM IST
गौरव शुक्ला फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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राजस्थान की एक अदालत परिसर में लोग तब हैरान रह गए जब एक मामले में एक गाय की पेशी हुई। जोधपुर की महानगर कोर्ट में बीते शुक्रवार को एक अनोखे मामले में सुनवाई हुई। इस सुनवाई के दौरान एक गाय को कोर्ट में पेश किया गया। यह पूरा मामला एक गाय पर एक दो लोगों के मालिकाना हक जताने की वजह से पिछले 9 महीने से केस चल रहा है।
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- फोटो : ANI
दरअसल, एक शिक्षक श्याम सिंह और एक कांस्टेबल ओमप्रकाश के बीच गाय के मालिकाना हक को लेकर अगस्त 2018 से एक विवाद चल रहा है। इस मामले को लेकर मंडोर थाने में केस दर्ज किया गया। हालांकि थाना अधिकारी ने अपने स्तर पर इस मामले को सुलझाने की कोशिश की, लेकिन उनसे यह विवाद सुलझ नहीं पाया।
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- फोटो : ANI
थाना अधिकारी ने विवाद निपटारे के लिए गाय को बीच में खड़ा कर एक तरफ शिक्षक श्याम सिंह और दूसरी तरफ ओम प्रकाश को खड़ा किया। इन दोनों से गाय को आवाज देने के लिए कहा, लेकिन गाय दोनों की तरफ नहीं गई। इस पर एक पक्ष ने यह दावा किया कि अब मेरी गाय ब्याने वाली है और जब यह दूध देगी तो अपना दूध खुद पीती है। इस पर गाय को मंडोर गौशाला में रखा गया। साथ ही वहां पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए ताकि जब गाय दूध ना लगे तो यह देखा जा सके कि गाय खुद का दूध खुद पीती है या नही? लेकिन इस जुगाड़ से भी काम नहीं बना।

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- फोटो : Social Media
मामला कोर्ट तक पहुंचा और गाय को कोर्ट में पेश किया गया। सुनवाई कर रहे मजिस्ट्रेट संख्या तीन के पीठासीन अधिकारी मदन चौधरी को न्यायधीश की कुर्सी से उठकर कोर्ट रूम के बाहर आना पड़ा।पीठासीन अधिकारी कोर्ट से बाहर आए और गाड़ी में खड़ी गाय के आसपास दोनों फरियादियों को खड़ा किया। इसके बाद जज ने बारी-बारी से दोनों को गाय को पकड़कर सहलाने और घुमाने का मौका दिया। इस दौरान न्यायाधीश इस पूरी प्रक्रिया को खुद ऑब्जर्वर कर रहे थे। इस मामले में दोनों पक्षों के बयान दर्ज कराए गए।  

 
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- फोटो : ANI
केस से जुड़े वकील ने बताया कि गाय के मालिकाना हक को लेकर चल रहे विवाद में एफआईआर दर्ज हो गई है। गाय को अदालत में लाया गया और भौतिक सत्यापन (फिजिकल आईडेंटिफिकेशन) किया गया है। हालांकि, मामले की अगली सुनवाई 15 अप्रैल को होगी।
 
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