जिस प्रकार हमें जीवित रहने के लिए भोजन की जरूरत होती है, उसी प्रकार पेड़ पौधों को भी जीवित रहने के लिए खाने की आवश्यकता होता है। ऐसे में पौधे अपना खाना सूरज की रोशनी में अपने आप बनाते हैं, जिससे उन्हें एनर्जी मिलती है। इसका सीधा मतलब ये है कि इंसानों के साथ-साथ पेड़- पौधों का जीवन भी सूर्य की रोशनी पर बहुत निर्भर करता है। शरीर की समस्त ऊर्जा के स्रोतों का मूल स्रोत सूर्य की रोशनी ही होती है। दुनिया भर का खाद्यान, पौधों के प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) प्रक्रिया पर निर्भर होता है। लेकिन दुनिया में ऐसे कई शोध किए जा रहे हैं, जिससे कृत्रिम प्रकाश संश्लेषण के जरिए पौधों पर निर्भरता को खत्म करने की कोशिश की जा रही है। नए अध्ययन में संश्लेषण प्रक्रिया में प्रकाश पर निर्भरता को भी खत्म करने की बात कही जा रही है। इसमें कोई दो राय नहीं कि इस कृत्रिम प्रकाश संश्लेषण से पृथ्वी पर भोजन के उत्पादन को ऊर्जा के लिहाज से और भी अधिक कारगर बनाया जा सकेगा।