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Today History: जानिए बल्ब बनाने वाले 'द ग्रेट' साइंटिस्ट एडिसन की रोचक कहानी, बचपन में स्कूल ने पढ़ाने से कर दिया था मना

Thu, 27 Jan 2022 05:11 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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आज का इतिहास - फोटो : Pixabay/Twiiter @ELATRILERO
हर घर को रोशन करने वाले बल्ब की कहानी बहुत रोचक है। बल्ब के आविष्कार को किसी चमत्कार से कम नहीं माना जाता है। 19वीं शताब्दी के आखिर में बल्ब का आविष्कार हुआ था जिसे विज्ञान की दुनिया में सर्वश्रेष्ठ आविष्कारों में से एक माना जाता है। बल्ब ने रात के अंधरे में रोशनी फैलाने का काम किया। 

मशहूर वैज्ञानिक थॉमस एल्वा एडिसन ने दुनिया को बल्ब की रोशनी का तोहफ दिया था। आज ही के दिन यानी 27 जनवरी को 1880 में एडिसन को बल्ब का पेटेंट हासिल करने में सफलता मिली थी। लेकिन एक समय मशहूर वैज्ञानिक को स्कूल ने पढ़ाने से इंकार कर दिया था और उनको कमजोर दिमाग वाला बताया था। लेकिन उन्होंने अपनी प्रतिभा के दम पर फोनोग्राम और बल्ब समेत हजारों आविष्कार किए। उनके आवष्किरों से लोगों का जीवन और आसान हो गया। 

अमेरिका के महान आविष्कारक थॉमस एल्वा एडिसन का जन्म 11 फरवरी 1847 में हुआ था। उन्होंने मेहनत के दम पर 1093 पेटेंट अपने नाम किए हैं। उन्होंने अपने आविष्कार का दुनिया में लोहा मनवाया है। उनका सबसे बड़ा आविष्कार बिजली के बल्ब को माना जाता था। बताया जाता है कि बल्ब बनाने में थॉमस एल्वा एडिसन 10 हजार से ज्यादा बार फेल हुए थे, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और बल्ब का आविष्कार किया। 
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आज का इतिहास - फोटो : Pixabay
एडिसन जब 10 साल के थे तभी उन्होंने अपनी पहली प्रयोगशाला स्थापित की थी। उनकी मां ने कई सारे रसायनिक प्रयोग वाली एक पुस्तक दी जो एडिसन को पसंद आ गई। थॉमस एडिसन कई दिनों तक बिना सोए प्रयोग करते रहते थे और सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि वह कभी कभी खाना खाना भी भूल जाते थे। 
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आज का इतिहास - फोटो : iStock
थॉमस एल्वा एडिसन के बचपन की कई ऐसी कहानियां हैं जो लोगों को सीख देती हैं। बताया जाता है कि एडिसन जब प्राइमरी स्कूल में पढ़ाई करते थे, तो उनको टीचर ने एक कागज देकर कहा कि इसे अपनी मां को दे देना। सुशिक्षित डच परिवार से ताल्लुक रखने वाली एडिसन की मां नैंसी मैथ्यू इलिएट कागज पढ़ते ही रोने लगीं। 

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आज का इतिहास - फोटो : iStock
एडिसन ने मां को रोता देख पूछा, आप क्यों रो रही हैं। जवाब में उनकी मां ने कहा बेटा खुशी के आंसू हैं। इसमें लिखा है कि आपका बेटा बहुत होशियार है जबकि स्कूल निचले स्तर का है। हमारे स्कूल में टीचर भी अधिक पढ़े लिखे नहीं हैं इसलिए वह तुमको नहीं पढ़ा सकते। एडिसन को आप खुद ही पढाएं। इसके बाद एडिसन ने अपनी मां से ही पढ़ना लिखना शुरू कर दिया।
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आज का इतिहास - फोटो : Pixabay
कई साल बीत जाने के बाद जब वह एक महान वैज्ञानिक बन चुके थे और उनकी मां का निधन हो चुका था। एक दिन घर में उनको अपनी मां की आलमारी से टीचर का दिया हुआ पत्र मिल गया। इस पत्र को पढ़ने के बाद एडिसन खूब रोए। इस पत्र में लिखा था कि आपका बेटे का दिमाग कमजोर है इसलिए अब उसको स्कूल मत भेजिएगा। एडिसन ने अपनी डायरी में लिखा है एक मां ने कमजोर दिमाग वाले बच्चे को महान वैज्ञानिक बना दिया। 
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आज का इतिहास - फोटो : iStock
पहली बार बल्ब बनाने के लिए 40 हजार डॉलर खर्चा करना पड़ा था। 1879 से 1900 तक एडिसन ने सभी मुख्य आविष्कार कर दिए थे। वह वैज्ञानिक होने के साथ ही एक धनवान बिजनेसमैन बन गए थे। 18 अक्टूबर 1931 को एडिसन का निधन हो गया था। 

जानिए 27 जनवरी की घटने वाली महत्वपूर्ण घटनाएं

1891- पेन्सिलवेनिया के माउंट प्लीसेंट में खदान में ब्लास्ट हुआ था जिसमें में 109 लोगों की मौत हो गई थी। 

1943- अमेरिका ने जर्मनी पर पहली बार एयर स्टाइक किया था। 

1959- राजधानी दिल्ली में पहले इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी कॉलेज की नींव रखी गई थी।

1996- फ्रांस ने छठा और अंतिम परमाणु बम का परीक्षण किया था। 

 
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