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Titanic: 114 साल बाद भी डराता है टाइटैनिक का वो मंजर, हादसे के पीछे थे ये बड़े कारण

Tue, 21 Apr 2026 02:12 PM IST
Sankalp Prakash Singh यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Titanic ship history: टाइटैनिक हादसा दुनिया की सबसे बड़ी समुद्री त्रासदियों में गिना जाता है, जो मानवीय गलतियों और लापरवाही का नतीजा था। 
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Titanic - फोटो : AI Generated
Titanic ship accident date: टाइटैनिक हादसे की गिनती दुनिया के सबसे मशहूर समुद्री हादसों में की जाती है। इस विशालकाय जहाज का डूबना आज भी सवालों और सीखों से भरा हुआ है। 10 अप्रैल 1912 को यह जहाज इंग्लैंड से न्यूयॉर्क के लिए निकला था। उस वक्त जहाज में सफर कर रहे किसी भी यात्री को इस बारे में पता नहीं था कि इतिहास की एक बड़ी त्रासदी उनका इंतजार कर रही है।

टाइटैनिक को उस दौर में सबसे आधुनिक और न डूबने वाला जहाज कहा जाता था। हालाकि, यह जहाज कई मानवीय गलतियों, लापरवाही और तकनीकी चूकों का शिकार बना। यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं था, बल्कि निर्णय लेने में हुई गंभीर चूक का परिणाम भी था। इसने कई जिंदगियों को हमेशा के लिए खत्म कर दिया।
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Titanic - फोटो : AI Generated

आइसबर्ग से टकराने की घटना कैसे हुई?

  • 14 अप्रैल की रात सबकुछ बदल चुका था।
  • रात करीब 11:40 बजे टाइटैनिक एक विशाल आइसबर्ग से टकरा गया।
  • रिपोर्ट्स के मुताबिक, जहाज के क्रू को पहले ही कई बार बर्फीले खतरे की चेतावनी मिल चुकी थी।
  • उसके बाद भी कोई उसे गंभीरता से नहीं ले रहा था।
  • टाइटैनिक जहाज की गति कम नहीं की गई, जो इस हादसे की सबसे बड़ी वजहों में गिनी जाती है।
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Titanic - फोटो : AI Generated

निगरानी में लापरवाही कैसे भारी पड़ी?

  • इसके अलावा दूसरी गंभीर गलती थी निगरानी में लापरवाही।
  • प्रहरियों के पास दूरबीन उपलब्ध नहीं थी क्योंकि वह लॉक में बंद थी।
  • इसका नतीजा यह हुआ कि सामने खड़ा आइसबर्ग बहुत देर बाद दिखाई दिया।
  • आइसबर्ग को जब देखा गया, तब तक जहाज को मोड़ना लगभग असंभव हो चुका था।

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Titanic - फोटो : AI Generated

टक्कर के बाद स्थिति कैसे बिगड़ी?

  • इस देरी के चलते जहाज को टक्कर से बचाने की सारी संभावनाएं खत्म कर दीं और हादसे को रोकना लगभग नामुमकिन सा हो गया।
  • जहाज जब आइसबर्ग से टकराया उसके बाद उसके निचले हिस्सों में तेजी से पानी भरने लगा।
  • स्थिति बिगड़ती गई और पूरे जहाज पर अफरा-तफरी मच गई।
  • जहाज पर लाइफबोट्स की संख्या भी बहुत कम थी, जो सभी यात्रियों के लिए पर्याप्त नहीं थीं।
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Titanic - फोटो : AI Generated

बचाव कार्य और मौत का आंकड़ा

  • शुरुआत में बचाव के दौरान महिलाओं और बच्चों को प्राथमिकता दी गई।
  • हालांकि, बाद में सैकड़ों लोग मदद के बिना रह गए।
  • करीब 2 घंटे 40 मिनट के भीतर टाइटैनिक पूरी तरह समुद्र में समा गया।
  • पानी का तापमान बेहद कम, लगभग -2 डिग्री सेल्सियस था, जिसमें जीवित रहना लगभग असंभव था।
  • इस हादसे में कई लोगों की जानें गईं।
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